हरियाली तीज पूजा सामग्री  (सौ.AI)
धर्म

हरियाली तीज पर पूजा की थाली में जरूर रखें ये चीजें, जानें किस सामग्री के बिना अधूरा माना जाता है पूजन

Hariyali Teej : हरियाली तीज की पूजा में सही पूजन सामग्री का विशेष महत्व माना जाता है। जानें पूजा की थाली में किन जरूरी चीजों को शामिल करना चाहिए और किस सामग्री के बिना तीज का पूजन अधूरा माना जाता है।

सीमा कुमारी

Hariyali Teej Puja Samagri : हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पावन पर्व इस बार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। हिन्दू लोक मान्यता के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाए अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र, प्रेम और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं।

वही कुवारी लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना में रखती हैं। इस दिन जितना महत्व पूजा करने का है उससे ज्यादा पूजा की थाली सजाने का है।

पूजा की थाली में कुछ ऐसी चीजों का होना जरूरी माना जाता है जिससे पूजा पूर्ण होती है। आइए आपको बताते हैं कि हरियाली तीज की पूजा थाली में आपको क्या-क्या चीजें रखनी चाहिए और इन सभी चीजों का महत्व क्या है?

हरियाली तीज की थाली में क्या रखना जरूरी होता है?

सबसे पहले पूजा की मूल सामग्री खरीद लें, ताकि पूजा के समय किसी चीज की कमी न रहे। सामान्य तौर पर पूजा के लिए ये सामान उपयोगी हो सकते हैं:

  • पूजा की थाली

  • दीपक

  • रूई की बत्ती

  • घी या तेल

  • अगरबत्ती और धूप

  • कपूर

  • रोली या कुमकुम

  • हल्दी

  • अक्षत यानी चावल

  • मौली या कलावा

  • चंदन

  • फूल

  • माला

  • फल

  • नारियल

  • पान और सुपारी

  • लौंग और इलायची

  • कलश

  • साफ पानी

  • मिठाई या प्रसाद

हरियाली तीज पर कैसे करें पूजा ?

हरियाली तीज के दिन सबसे पहले घर का सभी काम निपटाकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव व माता पार्वती का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

पूजा स्थल यानी घर की मदिर की साफ-सफाई करके लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।

चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें ।

सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।

भगवान शिव को जल अर्पित करें और बेलपत्र, धतूरा व फूल चढ़ाएं. माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें ।

दीपक और धूप जलाकर भगवान को फल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करें।

इसके बाद हरियाली तीज की व्रत कथा पढ़ें या सुनें।

अंत में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की आरती करें और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में हरियाली तीज का धार्मिक महत्व बताया गया हैं। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से करती हैं। हरियाली तीज पर सोहल श्रृंगार करके माता पार्वती और शिवजी की पूजा की जाती है।

मान्यता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन मधुर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। तीज के अवसर पर बहुएं अपनी सास को सुहाग सामग्री भेंट करती हैं और अपनी सखियों के साथ झूला झुलती हैं। हरियाली तीज के पर्व को प्रेम, सौंदर्य और रिश्तों में मधुरता का प्रतीक माना गया है।

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