Amavasya Par Deepak Kahan Jalaye: आज सावन मास की अमावस्या है। जिसे हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह शुभ तिथि स्नान-दान, पिंडदान और पितरों को प्रसन्न करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए शुभ समय माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन विधि पूर्वक पूजा- अर्चना करने से पापों का नाश होता हैं और सुख--समृद्धि की वृद्धि होती है। इसके अलावा, इस दिन स्नान-दान के साथ कुछ विशेष स्थानों में दीपक जलना भी शुभ होता है ।
हरियाली अमावस्या पर पितरों के तस्वीर सामने दीपक जलाना न भूलें। घर में जहां आप अपने पितरों की तस्वीर रखते हैं, वहां भी एक दीपक जरूर जलाएं। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही घर के सभी कष्ट दूर होते हैं।
हरियाली अमावस्या के दिन पितरों के तस्वीर सामने के अलावा, तुलसी के पौधे के पास भी दीपक जलाना न भूलें। अगर आपके घर में तुलसी का पौधा है, तो हरियाली अमावस्या की शाम एक दीपक जरूर जलाएं। माना जाता है कि तुलसी के पास दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
तुलसी के पौधे की तरह पीपल के पेड़ के नीचे भी हरियाली अमावस्या की रात एक दीपक जलाएं।
पीपल के पेड़ में त्रिदेवों का वास होता है और इसके नीचे दीपक जलाने से ग्रह दोष शांत होते हैं और भाग्य चमकता है।
इस दिन घर के मुख्य द्वार पर भी घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इसके अलावा घर की दरिद्रता भी दूर होती है।
अपने पूजा घर या मंदिर में एक दीपक जलाए। ऐसा करने से घर में देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है। इसके साथ ही जीवन में शुभता का आमगन होता है।
घर के मुख्य द्वार के अलावा, रसोई घर दीपक बड़ा शुभ माना जाता है। रसोई घर को देवी अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती है। इसके साथ ही जीवन में खुशहाली आती है।