गणगौर पूजा(सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

पहली बार कर रहे हैं गणगौर पूजा, तो इसके नियम सावधानी से पढ़ें और नोट कर लें, फलित होगी पूजा!

Gangaur Puja Samagri List: पहली बार गणगौर पूजा कर रहे हैं तो इसके नियमों को जानना जरूरी है। सही विधि और सावधानियों के साथ पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शुभ फल प्राप्त होता है।

सीमा कुमारी

Gangaur Vrat Kaise Kare: गणगौर व्रत हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। खासतौर पर, राजस्थान में इस पर्व की अलग ही धूम देखने को मिलती है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। अविवाहित लड़कियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। ज्योतिषयों के अनुसार, अगर गणगौर व्रत को पहली बार करने जा रही हैं, तो इसके सही नियम और विधि को जानना आपके लिए बेहद जरूरी होगा।

पहली बार गणगौर व्रत के प्रमुख नियम

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें

ज्योतिषयों के अनुसार,अगर आप पहली बार गणगौर व्रत रखने जा रहे है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और ध्यान करें। फिर देवी गौरी और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

  • शिव पार्वती की पूजा करें

इस दिन पूजा में विधि-विधान से माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें। इस दौरान भक्त शिव और गौरी माता की मूर्तियां स्थापित करते हैं, जिनकी पूजा सच्चे मन से की जाती है।

  • महिलाएं सोलह श्रृंगार करें

इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर शिव पार्वती की पूजा करें। कहा जाता है कि इससे समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

  • जन और कीर्तन करें

गणगौर पूजा के दिन भजन और कीर्तन करें और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। इससे शिवजी की कृपा प्राप्त होती है और व्रत का फल मिलता है।

  • मां पार्वती को सोलह श्रृंगार चढ़ाएं

पूजा में देवी पार्वती को सोलह श्रृंगार का सामान चढ़ाएं, इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

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गणगौर व्रत में क्या न करें?

  • बताया जाता है कि, अगर आप पहली बार गणगौर व्रत रखने जा रहे है, तो व्रत के दौरान किसी भी तरह के अपशब्द का उपयोग न करें, क्योंकि बुरी बातें बोलने से व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है।
  • इस दिन किसी भी गरीब व्यक्ति को द्वार से खाली हाथ न जाने दें। पूजा के दिन दान पुण्य का विशेष महत्व होता है, और किसी को भी दुखी नहीं छोड़ना चाहिए। गणगौर पूजा के दौरान सोने से बचें।
  • इस दिन आपको माता पार्वती और भगवान शिव की भक्ति में समर्पित रहना चाहिए। यह दिन आत्मा की शुद्धि और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • तामसिक भोजन से पूरी तरह बचें। नशे से दूर रहें और केवल शुद्ध आहार का सेवन करें, जिससे शरीर और मन दोनों शुद्ध रहें।
  • व्रत के दौरान आहार, विचार और व्यवहार को शुद्ध रखना जरूरी है।

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