तुलसी का पौधा (सौ.सोशल मीडिया)  
धर्म

अगर तुलसी का पौधा सूख जाए तो क्या करें? गलती से भी न फेंके, जानिए सूखा पौधा कैसे दिलाएगा सुख-शांति

Tulsi Plant Worship:अगर तुलसी का पौधा सूख जाए तो उसे फेंकने की गलती न करें। शास्त्रों में बताए गए सही उपाय अपनाने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

सीमा कुमारी

Dried Tulsi Plant Remedies: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधा को बहुत ही पवित्र एवं शुभ माना जाता है। इसे देवी का स्वरूप माना जाता है और लगभग हर हिन्दू घर में तुलसी का पौधा जरुर होता है। रोजाना इसकी सुबह-शाम पूजा होती है।

कहा जाता है कि, जिस घर में तुलसी का पौधा होता है। वहां कभी पैसे की कमी नहीं होती है और घर परिवार में सदैव खुशहाली बनी रहती है।

लेकिन कई बार, जब तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख जाता है, तो लोग अनजाने में उसे कूड़े में फेंक देते हैं या अन्य बेकार वस्तुओं के पास रख देते हैं। यह धार्मिक दृष्टि से गलत माना जाता है।

तो ऐसे में आइए जानते हैं कि पूरी तरह सूखे हुए तुलसी के पौधे का क्या करना चाहिए और शास्त्रों में इसके लिए क्या नियम बताए गए हैं।

सूखी तुलसी को कूड़े में डालना क्यों है अशुभ?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी को देवी रूप माना गया है। ऐसे में सूखी तुलसी को अनादरपूर्वक फेंकना शास्त्रों में मनाही है। ऐसा करना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। इसलिए तुलसी का सम्मान जीवनभर बनाए रखना चाहिए, चाहे वह हरी हो या सूखी।

सूखी तुलसी का क्या है सही उपयोग

वास्तु विशेषज्ञ के अनुसार, सूखी तुलसी की डंडी को बारीक पीसकर चंदन की तरह तिलक लगा सकते है । कहते है कि इससे मन को शांति मिलती है और भक्ति भाव में वृद्धि होती है। यह तरीका बहुत ही आसान है और धार्मिक दृष्टि से भी शुभ माना गया है।

सूख हुए तुलसी पौधा का क्या करें?

  • वास्तु विशेषज्ञ का मानना है कि, यदि तुलसी का पौधा पूरी तरह सूख गया है और दोबारा जीवित होने की कोई संभावना न हो, तो उसका विसर्जन करें।
  • तुलसी पौधे का विसर्जन किसी पवित्र नदी, तालाब या सरोवर में करें।
  • सूखी तुलसी की टहनियों से भी तुलसी की माला बना सकते हैं।
  • इसका उपयोग भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा के लिए करना शुभ हो सकता है।

पद्म पुराण में क्या है सूखी तुलसी का महत्व

पद्म पुराण में सूखी तुलसी का विशेष महत्व है। सूखी तुलसी से हवन करना अत्यंत शुभ माना गया है। इसके धुएं से वातावरण शुद्ध होता है। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

यदि मृतक की चिता में सूखी तुलसी की लकड़ी का उपयोग किया जाए, तो मृतक के लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं और वहां उपस्थित लोगों को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण तुलसी को मोक्ष प्रदान करने वाली दिव्य वनस्पति कहा गया है।

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