विश्वकर्मा पूजा से जुड़े नियम  (सौ.AI )
धर्म

Vishwakarma Puja: विश्वकर्मा पूजा के दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना नहीं मिलेगा पूजा का पूरा फल

Vishwakarma Puja Niyam 2026: भगवान विश्वकर्मा के दिन कारखानों, दुकानों, गैरेज और अन्य औजारों और वाहनों की भी पूजा का खास महत्व है। वही इस दिन कुछ कामों को करने की मनाही भी होती है।

सीमा कुमारी

Vishwakarma Puja Ke Din Kya Na Kare: भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में हर साल 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है।धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र विश्वकर्मा भगवान का जन्म हुआ था।

भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला वास्तुकार माना गया है। इस दिन कारखानों, दुकानों, गैरेज और अन्य कार्यस्थलों पर मशीनों, औजारों और वाहनों की भी पूजा का खास महत्व है। वही इस दिन कुछ कामों को करने की मनाही भी होती है। आइए जानते हैं कि कौन से वो कार्य हैं जो विश्वकर्मा पूजा के दिन नहीं करना चाहिए ?

विश्वकर्मा पूजा के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?

औजारों का प्रयोग न करें

धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि,विश्वकर्मा पूजा के दिन औजारों और मशीनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। बल्कि, इस दिन औजारों और मशीनों को विश्राम देना चाहिए। इसलिए इसके इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। न हीं किसी को इस्तेमाल करने देना चाहिए।

औजारों या मशीनों का अपमान न करें

इस दिन औजारों और मशीनों का प्रयोग करने के अलावा,पैर न लगाएं, उन्हें गंदा न छोड़ें और न ही इधर-उधर फेंकें।

कर्मचारियों का अपमान न करें

कहा जाता है कि, इस दिन अपने सहयोगियों, कारीगरों या मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार का विवाद न करें और उनका अनादर न करें।

पुराने मशीन को बेचने से बचें

लोक एवं ज्योतिष मान्यता के अनुसार, इस दिन काम से जुड़ी वस्तुओं और वाहनों की बिक्री करने से बचना चाहिए। इसलिए इस दिन ऐसी गलती भूलकर भी न करें।

साफ-सफाई और पूजा करना न भूलें

यदि आपके पास कोई वाहन हैं तो आपको विश्वकर्मा पूजा के दिन उसकी साफ-सफाई और पूजा करना नहीं भूलना चाहिए।

ब्राह्मण को दान देना न भूलें

इस दिन अपने व्यापार की वृद्धि के लिए आपको किसी गरीब व्यक्ति और ब्राह्मण को दान अवश्य देना चाहिए।

भगवान विश्वकर्मा की पूजा कैसे करें ?

  • विश्वकर्मा पूजा वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर साफ वस्त्र पहनें।

  • इसके बाद कार्यस्थल, कारखाने, ऑफिस, मशीनें और औजारों को अच्छी तरह से साफ कर लें।

  • चारों और गंगाजल से छिड़काव कर वातावरण को शुद्ध करें।

  • भगवान विश्वकर्मा की पूजा के लिए चित्र स्थापित करें और विधिवत रूप से उनकी पूजा-अर्चना करें।

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