भगवान शिव ( सौ. Gemini) 
धर्म

Budh Pradosh Vrat: आज बुध प्रदोष व्रत शाम की पूजा में भूलकर न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत

Budh Pradosh Vrat Rules: आज बुध प्रदोष व्रत की शाम की पूजा में कुछ गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी चूक भी आपके व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलने देती। जानिए वे 5 गलतियां ।

सीमा कुमारी

Pradosh Vrat Evening Puja Tips: आज 15 अप्रैल को वैशाख माह का पहला बुध प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। धर्म शास्त्रों में प्रदोष व्रत में शाम की पूजा यानी 'प्रदोष काल' की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि सूरज ढलने के वक्त भगवान शिव सबसे ज्यादा खुशमिजाज और शांत अवस्था में होते हैं, इसलिए इस वक्त मांगी गई हर मुराद जल्दी पूरी होती है।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अनजाने में की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां आपकी पूरी दिन की मेहनत पर पानी फेर सकती हैं? आइए जानते हैं आज शाम की पूजा में आपको किन बातों का खास ख्याल रखना है, ताकि आपका व्रत सफल हो सके।

 Budh Pradosh Vrat शाम की पूजा में न करें ये 5 गलतियां

  • बिना नहाए न करें पूजा

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, बुध प्रदोष व्रत (Budh Pradosh Vrat) शाम की पूजा से पहले एक बार फिर से नहाना और साफ कपड़े पहनना बहुत जरूरी होता है। पवित्र ग्रंथों और शास्त्रों में साफ तौर पर लिखा है कि अशुद्ध यानी बिना नहाए की गई पूजा का कोई फल नहीं मिलता। इसलिए, खुद को और अपने पूजा स्थल को बिल्कुल साफ रखें।

  • प्रदोष काल पर ही करें पूजा

धर्म शास्त्रों में प्रदोष व्रत में शाम की पूजा यानी 'प्रदोष काल' की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, सूरज ढलने के आसपास का वक्त ही प्रदोष काल कहलाता है। अगर आप इस शुभ समय के निकल जाने के बाद पूजा करते हैं, तो उसका फल कम हो जाता है।

  • आरती और प्रसाद में न करें जल्दबाजी

शाम की पूजा में दीया जलाना और आरती करना बहुत जरूरी है। आरती हमेशा आराम से, शांति और पूरी श्रद्धा के साथ करें। ध्यान रखें कि पूजा के दौरान दीया न बुझे। पूजा के बाद प्रसाद का बिल्कुल अपमान न करें; इसे अपने परिवार और दोस्तों में बांटें और खुद भी सम्मान के साथ खाएं।

  • व्रत के नियमों को हल्के में न लें

शास्त्रों के मुताबिक, पूजा करते वक्त आपका मन शांत और पवित्र होना चाहिए। अगर आपके दिमाग में चिड़चिड़ापन या किसी के लिए जलन है, तो भोलेनाथ तक आपकी प्रार्थना नहीं पहुंचेगी। साथ ही, दिन भर सात्विक आहार ही लें।

भोलेनाथ को न चढ़ाएं गलत चीजें

शिव पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है शिव पूजा में क्या चढ़ाना वर्जित है-

  • तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं: शिव पूजा में तुलसी वर्जित है।
  • केतकी के फूल अर्पित न करें: यह भगवान शिव को अप्रिय है।
  • हल्दी न लगाएं: हल्दी सौंदर्य की वस्तु है, शिव वैरागी हैं।
  • कुमकुम या रोली का प्रयोग न करें: इसकी जगह भस्म या चंदन लगाएं।
  • नारियल पानी से अभिषेक न करें: केवल गंगाजल, दूध, या पंचामृत का प्रयोग करें।
  • पूजा में काले वस्त्र न पहनें: सफेद, पीले या लाल वस्त्र शुभ माने जाते हैं

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