Buddha Purnima Pitru Dosh Remedies: इस बार वैशाख महीने की पूर्णिमा बुद्ध पूर्णिमा 1 मई दिन शुक्रवार को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता है कि, इसी दिन भगवान विष्णु के नौवें अवतार भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। शास्त्रों में पूर्णिमा का दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के लिए बहुत पुण्यकारी माना गया है। वही, ये तिथि पितृ देव को भी समर्पित की गई है।
बुद्ध पूर्णिमा पर श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। इन कर्मों को न करने से पितृ दोष लग सकता है, जो जीवन में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां लाता है। इस दिन विशेष उपाय करने से पितृ दोष से राहत मिलती है।
अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है या घर में बिना वजह कलह रहती है, तो बुद्ध पूर्णिमा की रात यह विशेष विधि जरूर अपनाएं:
पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए बुद्ध पूर्णिमा की शाम एक मिट्टी के दीपक में सरसों या तिल का तेल डालें। उसमें थोड़े काले तिल डालें और उसे घर के दक्षिण दिशा वाले कोने में या आंगन के दक्षिणी हिस्से में जलाएं। ध्यान रहे कि दीपक की लौ (ज्योति) भी दक्षिण दिशा की ओर ही होनी चाहिए।
इसके अलावा, बुद्ध पूर्णिमा पर दिन के समय पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और उसकी सात परिक्रमा करें। पीपल में भगवान विष्णु और पितरों का वास माना जाता है, इसलिए यह उपाय पितृ दोष को जड़ से खत्म करने की शक्ति रखता है।
इस दिन गाय, कौए और कुत्ते को भोजन कराना न भूलें। शास्त्र कहते हैं कि इन जीवों द्वारा ग्रहण किया गया भोजन सीधे हमारे पूर्वजों को तृप्ति देता है।
दीपक जलाते समय 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जप करें। यह मंत्र पितरों के प्रति आपकी श्रद्धा को व्यक्त करता है।