Maa Baglamukhi Ki Puja Ke Labh: आज बगलामुखी जयंती मनाई जा रही हैं। हिंदू धर्म में इस जयंती का बड़ा महत्व बताया गया हैं। हिंदू धर्म में शक्ति उपासना का विशेष महत्व है और दस महाविद्याओं में से एक मां बगलामुखी को देवी माना गया हैं। हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बगलामुखी का जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
कहते हैं सच्चे मन से जो भी आज के दिन मां बगलामुखी की पूजा करता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है। आपको बता दें कि देवी बगलामुखी को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है, इन्हें 'स्तंभन शक्ति' की देवी भी कहते हैं।
सनातन धर्म में बगलामुखी जयंती का धर्मिक महत्व हैं। मान्यता है कि इस दिन देवी की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय, वाणी पर नियंत्रण और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी बगलामुखी का प्राकट्य एक भयंकर तूफान को शांत करने के लिए हुआ था। मां बगलामुखी (Bagalamukhi Jayanti) अपनी दिव्य शक्ति से विनाशकारी शक्तियों को रोककर संसार की रक्षा की। इसलिए इस दिन की पूजा विशेष रूप से संकट निवारण, कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता और विरोधियों को शांत करने के लिए की जाती है।
चौघड़ियां शुभ मुहूर्त आज सुबह 7 बजकर 24 मिनट से लेकर 9 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। अमृत काल का शुभ मुहूर्त आज सुबह 9 बजकर 3 मिनट से लेकर 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। वहीं शुभ चौघड़ियां मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से लेकर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल शाम को 6 बजकर 6 मिनट से लेकर 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
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