Chauthe Bade Mangal: आज 26 मई को ज्येष्ठ माह का चौथा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की पूजा के लिए समर्पित है। धर्म शास्त्रों में इस दिन विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से वे प्रसन्न होते है और भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ के मंगलवार को ही भगवान राम से हनुमानजी की मुलाकात हुई थी। भक्त और भगवान के इसी मिलन की तिथि को लोग पर्व के रूप में मनाते हैं।
आज चौथे बड़े मंगल पर हनुमान जी को गुड़ और चना का भोग लगा सकते हैं। जैसा कि जानते है कि, हनुमान जी की पूजा में अक्सर गुड़-चना का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे मंगल दोष से राहत मिलती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
चौथे बड़ा मंगल पर हनुमान जी के सामने सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर साबुत नारियल अर्पित करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होने और सुख-समृद्धि आने की मान्यता है।
आज के दिन हनुमान जी कृपा पाने के लिए गुड़ और चना के अलावा, इमरती का भी भोग लगा सकते हैं। माना जाता है कि हनुमान जी को इमरती अत्यंत प्रिय है। पूजा में इमरती का भोग लगाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
हनुमान जी को बूंदी के लड्डू का भोग लगाने ने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनचाहा वरदान का आशीर्वाद देते हैं।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, मंगलवार को तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। बड़ा मंगल के दिन मांसाहार, शराब, लहसुन और प्याज जैसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि तामसिक भोजन से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और पूजा का फल नही मिलता हैं।
बताया जाता है कि, इस दिन तामसिक भोजन के अलावा, क्रोध और विवाद से भी बचना चाहिए। हनुमान जी को संयम, सेवा और भक्ति प्रिय है। इसलिए इस दिन झगड़ा, अपशब्द या क्रोध करना अशुभ माना जाता है। शांत मन से रहकर जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ फलदायी माना गया है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, पानी और वस्त्र दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है। किसी असहाय व्यक्ति का अपमान करने से बचना चाहिए।
हनुमान जी की पूजा से पहले स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना बेहद आवश्यक माना गया है। इससे मन एकाग्र रहता है और पूजा का शुभ फल मिलता है।
बड़ा मंगल पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते है।