इन 7 जगहों पर लगाएं चंदन(सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

सावन में शिवलिंग पर इन स्थानों पर लगाएं चंदन, संकटों से बचाएंगे भगवान भोलेनाथ

सावन महीने में जब भोलेनाथ की आराधना की जाती है, तब शिवलिंग पर चंदन लगाना अत्यंत शुभ एवं पुण्यकारी होता है। आइए जानते हैं कि शिवलिंग में किन 7 स्थानों पर चंदन लगाना मंगलकारी है।

सीमा कुमारी

Sawan 2025 : शिव की भक्ति और आराधना का पावन महीना सावन सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। ये महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पावन माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त उपवास, पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान करते है।

खासकर सोमवार के दिन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लोग जलाभिषेक, बेलपत्र, दूध, और चंदन अर्पण करते है। अगर बात चंदन अर्पण की करें तो, यह शांति, शुद्धता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

ज्योतिषयों के अनुसार, सावन मास में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते समय शिवलिंग पर चंदन जरुर लगाते है। शास्त्रों के अनुसार,शिवलिंग पर चंदन लगाना अत्यंत पुण्यकारी होता है।

कहा जाता है कि, शिवलिंग के सात विशिष्ट स्थानों पर चंदन लगाने से जीवन के अनेक संकट दूर होते हैं और भाग्य के द्वार खुल जाते है। ऐसे में आइए जानते हैं कि शिवलिंग पर कहां-कहां चंदन लगाना चाहिए और इसका क्या फल प्राप्त होता है।

सावन में शिवलिंग की इन 7 जगहों पर लगाएं चंदन

आपको बता दें,सावन में शिवलिंग पर इन 7 जगहों पर चंदन लगाना बड़ा शुभ होता है।

1. शिवलिंग:

यह भगवान शिव का मुख्य स्थान है और चंदन का लेप शिवलिंग के ऊपर लगाया जाता है।

2. जलाधारी:

यह वह स्थान है जहाँ से जल बहता है और यह स्थान माता पार्वती को समर्पित है।

3. गणेश जी का स्थान:

शिवलिंग के दाईं ओर, जलाधारी के ऊपर का स्थान गणेश जी का माना जाता है।

4. कार्तिकेय जी का स्थान:

शिवलिंग के बाईं ओर, जलाधारी के ऊपर का स्थान कार्तिकेय जी का माना जाता है।

5. अशोक सुंदरी का स्थान:

जलाधारी से बहने वाले जल के रास्ते पर अशोक सुंदरी का स्थान माना जाता है।

6. नंदी के दोनों सींग:

नंदी, जो भगवान शिव के वाहन हैं, उनके दोनों सींगों पर भी चंदन लगाया जाता है।

7. शिवलिंग के पीछे:

शिवलिंग के पीछे का स्थान भी चंदन लगाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

ये है धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं पर है आधारित

भगवान शिव जी का पूजन करते समय उपरोक्त सात स्थानों पर चन्दन अवश्य लगाना चाहिए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सात स्थान धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं पर आधारित हैं,और विभिन्न परंपराओं में थोड़े भिन्न हो सकते है। कहा जाता है कि इससे भगवान शिव के साथ उनका पूरा शिव परिवार प्रसन्न हो कर अपने भक्तों पर कृपा करता है।

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