अनंत चतुर्दशी (सौ.AI)
धर्म

Anant Chaturdashi : 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांध लिया है तो जान लें ये नियम, 3 गलतियां पड़ सकती हैं भारी

Anant Sutra :अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है। लेकिन अनंत सूत्र बांधने के बाद कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है। जानिए इससे जुड़ी 3 ऐसी गलतियां, जिन्हें करने से बचना चाहिए।

सीमा कुमारी

Anant Sutra Rules : हर साल की तरह इस बार भी अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन श्रीहरि भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा कर अनंत सूत्र बांधने की ख़ास परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस सूत्र में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं जो 14 लोकों का प्रतीक मानी जाती हैं।

शास्त्रों में इस धागे को रक्षा कवच बताया गया है और इसे पहनने से जीवन में खुशहाली आती है और संकटों से बचाव होता हैं। लेकिन, क्या आप जानते है कि,आपको अनंत सूत्र बांधने के बाद कुछ गलतियों से बचना चाहिए, जिससे सदैव भगवान विष्णु की कृपा बनी रहे और घर में सुख शांति आए। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में यहां-

अनंत सूत्र बांधने के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां

तामसिक भोजन भूलकर भी न करें

अनंत सूत्र धारण करने के बाद पूरी तरह सात्विक नियमों का पालन करें और शुद्ध शाकाहारी भोजन ही खाएं। ऐसी मान्यता है कि अगर आप अनंत सूत्र बांधने के बाद उसके नियमों का पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको यह धागा नहीं बांधना चाहिए।

घर में कलह-कलेश न करें

शास्त्रों में बताया गया है कि, अनंत सूत्र बांधने के बाद घर में लड़ाई-झगड़े नहीं करने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे आपको विष्णु जी की पूजा का फल भी नहीं मिलता है।

14 दिनों से पहले न खोले

धार्मिक एवं ज्योतिष मान्यता के अनुसार, अनंत चतुर्दशी के दिन जो 14 गांठों वाला धागा बांधा जाता है उसे बांधने के साथ खोलने के भी कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।

इस धागे को कम से कम 14 दिनों तक बांधना जरूरी होता है और अगर आप इसे समय से पहले ही खोल देते हैं, तो इससे धागे का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

वैसे तो इस धागे को एक साल तक बांधना जरूरी होता है और अगले साल अनंत चतुर्दशी के दिन ही यह धागा खोला जाता है। अगर आप इसे एक साल तक नहीं बांध पा रहे हैं, तो 14 दिनों तक जरूर पहनें।

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