Agni Nakshatram And Nautapa 2026: मई के महीने में मनाया जाने वाला अग्नि नक्षत्रम् भगवान मुरुगन को समर्पित एक बड़ा त्योहार है, जो खासकर दक्षिण भारत के तमिलनाडु में बहुत धूमधाम और खुशी से मनाया जाता है।
इस त्योहार में बाहर जाकर पूजा-पाठ या बड़े आयोजन नहीं किए जाते हैं, बल्कि इस दौरान लोग ज्यादा बाहर जाने से बचते हैं, ठंडा रहने की कोशिश करते हैं और शांति से भगवान मुरुगन की पूजा करते हैं।
पंचांग के अनुसार, हर नक्षत्र के चार भाग होते हैं। अग्नि नक्षत्र तब शुरू होता है जब सूर्य कृतिका नक्षत्र से गुजरता है। इसके बाद सूर्य भरणी नक्षत्र के तीसरे और चौथे भाग से होकर रोहिणी नक्षत्र के पहले भाग में पहुंचता है, तब यह त्योहार शुरू होता है। अग्नि नक्षत्रम 25 दिनों तक चलता है और यह मई महीने में मनाया जाता है।
खगोल विज्ञान के अनुसार, असल में यह वो समय होता है जब सूर्य देव भरणी नक्षत्र के तीसरे और चौथे चरण, कृत्तिका नक्षत्र के चारों चरणों और रोहिणी नक्षत्र के पहले चरण से होकर गुजरते हैं। इसी वजह से पृथ्वी पर तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है।
इस दौरान पड़ने वाली गर्मी के कारण इसे अशुभ माना जाता है। पुरानी मान्यता के अनुसार, इस दौरान की जाने वाली यात्राएं सफल नहीं होती हैं। इस 25 दिन के भीतर यदि कोई बीमारी होती है, तो उसे ठीक होने में सामान्य से बहुत अधिक वक्त लगता है। कहा जाता है कि इस दौरान किसी को उधार दिया गया पैसा वापस मिलने की संभावना न के बराबर होती है। साथ ही शादी-ब्याह, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है।
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अग्निनक्षत्रम् का समाप्त होना मानसून के आने की दस्तक होती है। इसके बाद ही केरल के तट पर मानसून के आने के संकेत मिलते है और फिर पूरे देश में बारिश होती है।