पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश ‘फौजी’ को भरतपुर से गिरफ्तार किया गया।
मामले में पांच अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और हत्या से पहले हुए विवादों की जांच कर रही है।
Atar Singh Bhadana Murder Case: राजस्थान के भरतपुर जिले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश ‘फौजी’ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 11 अक्टूबर को हत्या की वारदात के बाद से वह फरार था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्या की वजह, वारदात से पहले हुई घटनाओं और अन्य संदिग्धों की भूमिका का पता लगाया जा सके। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और घटना से जुड़े वीडियो की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश ‘फौजी’ को राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार किया। हत्या के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी।
आरोपी के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के घरों पर भी दबिश दी गई थी। गिरफ्तारी के बाद मुकेश फौजी को वैर पुलिस थाने लाया गया, जहां देर रात पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने उससे पूछताछ की। पुलिस अब वारदात से जुड़े घटनाक्रम और अन्य संदिग्धों की संभावित भूमिका की जानकारी जुटा रही है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, पुलिस हत्या से पहले हुई घटनाओं का क्रम पता लगाने में जुटी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
राजस्थान पुलिस इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर को एक मामूली विवाद हुआ था। पुलिस इस घटना और बाद में हुए घटनाक्रम के बीच संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
पुलिस उन भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच कर रही है, जिनका संबंध एक खनन पट्टे से जुड़े रास्ते को लेकर विवाद से बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, हत्या से पहले एक पोस्ट वायरल हुई थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पोस्टों का घटना से कोई संबंध था या नहीं।
इसके अलावा, अतर सिंह भड़ाना से जुड़े सुरक्षाकर्मियों के कुछ वीडियो की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि इन वीडियो से तनाव बढ़ा हो सकता है। पुलिस वीडियो और अन्य सामग्रियों का विश्लेषण कर रही है, ताकि घटनाओं का सही क्रम और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
बताया जाता है कि मुकेश ‘फौजी’ पिछले करीब दो वर्षों से एक खनन पट्टे को बंद कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था। अतर सिंह भड़ाना की विधवा की ओर से दर्ज कराए गए मामलों में भी उसका नाम सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, पुलिस मौजूदा हत्याकांड में उसकी भूमिका और घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
इस मामले में भागमल, सोनी, शेर सिंह, बलदेव और कुंवर सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पांचों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुविहय हाफिज सिद्दीकी के समक्ष पेश किया गया था।
पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब मुख्य आरोपी मुकेश फौजी से पूछताछ के साथ अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
मुकेश फौजी की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के घरों समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। जांचकर्ताओं को आशंका थी कि वह आसपास के गांवों या बयाना क्षेत्र में छिपा हो सकता है। डांग क्षेत्र के ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्तों के कारण भी तलाशी अभियान में कठिनाइयां आईं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से निकल गया था। उसकी तलाश में हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी पुलिस टीमें भेजी गई थीं। फरारी के दौरान प्रशासन ने उसके घर को गिराने के संबंध में भी नोटिस जारी किया था। इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत की जाएगी।