Rahul Gandhi Punjab Congress Meeting: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेतृत्व को लेकर पेंच फंसा हुआ है। पंजाब में कांग्रेस की अंदरूनी कलह के कारण पार्टी अपने नेतृत्व और सीएम चेहरे को लेकर असमंजस की स्थिति में है। लेकिन अब अगले 12 घंटों में कांग्रेस पंजाब में अपने नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। राहुल गांधी ने अपने विदेश दौरे से आने के बाद सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे के साथ पंजाब के नेतृत्व में संकट को लेकर चर्चा की है।
मिली जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी ने पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल को दिल्ली बुलाया है। यहां वे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करेंगे। इसी के साथ खबर है कि पंजाब कांग्रेस के अधिकांश नेता दिल्ली पहुंच रहे है। माना जा रहा है कि अगले 12 घंटे में पंजाब के नेतृत्व को लेकर फैसला लिया जाएगा। अब ये देखने वाली बात होगी कि क्या चरणजीत सिंह चन्नी की सीएम चेहरे की मांग को पार्टी मानती है या फिर इसका कोई तोड़ निकालती है।
भूपेश बघेल ने अपने पंजाब दौरे के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ भी बैठक की है। इन सभी की जानकारी अब वह दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को देंगे। वैसे को इन बैठकों की जानकारी वह पहले ही संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से फोन पर साझा कर चुके है। ऐसे में अब जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
अब सभी की नजरें राहुल गांधी पर टिकी है कि वे क्या फैसला लेते है। देखा जाए तो राहुल गांधी अपने पुराने फैसले पर टिके रह सकते है। वे चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा और बाकी नेताओं को पार्टी के फैसले को मानने की मांग कर सकते है। वे पार्टी नेताओं से वापस जाकर मिलजुलकर चुनाव लड़ने की मांग कर सकते है। वे मुख्यमंत्री चेहरे पर भी अपना फैसला फिलहाल के लिए टाल सकते है।
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आपको जानकारी दें, कि हाल ही में भूपेश बघेल और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच हुई बैठक में दोनों में सहमति नहीं बन पाई। खबरों के मुताबिक, बैठक में चन्नी और उनके समर्थकों ने विवाद खत्म करने के लिए दो प्रमुख शर्तें रखीं। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया जाए या फिर चरणजीत सिंह चन्नी को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए और टिकट वितरण में उनकी राय को प्राथमिकता दी जाए।
हालांकि, दोनों नेताओं में सहमति नहीं बनी और अब यह मुद्दा हाईकमान तक पहुंच गया है। पिछले कुछ समय से राहुल गांधी ने केरल, कर्नाटर और तमिलनाडु में सख्त रूख अपनाया है। ऐसे में मुमकिन है कि वे पंजाब में भी वह सख्त रूप अपनाएंगे और चन्नी और उनके नेताओं से सख्ती से निपटेंगे।