Mrityunjay Tiwari On Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली पर खुलकर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में समर्पित और ईमानदार कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उन्होंने सभी पदों से अलग होने का निर्णय लिया और अब वापसी की कोई संभावना नहीं देखते। तिवारी ने कहा कि हाल के चुनावों में आरजेडी के निराशाजनक प्रदर्शन की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए थी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए थी।
उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी यादव के भरोसे बनाई गई चुनावी रणनीतियां अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में विपक्षी दल आंतरिक मतभेदों में उलझे हुए हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार से जवाब मांगना विपक्ष का अधिकार है, साथ ही राहुल गांधी को अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन भी करने चाहिए। उन्होंने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर भी भाजपा की मजबूत पकड़ का जिक्र किया।
आरजेडी के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पार्टी में समर्पित, ईमानदार और वफादार कार्यकर्ताओं की गरिमा की रक्षा नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें गहरी निराशा हुई। यदि समय रहते स्थिति को सुधारा जाता तो बात अलग होती लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन हाल के चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। चुनावी हार के कारणों की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए थी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अब पार्टी में लालू प्रसाद यादव का प्रभाव पहले जैसा नहीं रह गया है और जिन लोगों के भरोसे राजनीतिक रणनीतियां बनाई जा रही हैं, वे अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहे हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के सवाल पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी का सरकार से जवाब मांगना उनका अधिकार और कर्तव्य है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन करने चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। उनके अनुसार, इससे वे रामभक्तों के बीच सकारात्मक संदेश दे सकेंगे।
विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका कहना था कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछने चाहिए, लेकिन वर्तमान में विपक्षी दल आपसी मतभेदों और अंदरूनी संघर्ष में उलझे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जब विपक्ष अपनी ही पार्टियों को मजबूत नहीं रख पा रहा है, तब सरकार को प्रभावी ढंग से घेरना मुश्किल हो जाता है। यदि विपक्ष अपनी जिम्मेदारियों से भटकता है तो इसका असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह सीट पिछले करीब 35 वर्षों से भाजपा का गढ़ रही है और वहां की जनता लगातार भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन देती आई है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक हलचल या इवेंट मैनेजमेंट से चुनाव नहीं जीते जा सकते। जनता उसी नेता को आशीर्वाद देती है, जिसने लंबे समय तक जमीन पर रहकर काम किया हो और लोगों का विश्वास अर्जित किया हो।