मद्रास हाई कोर्ट (फाइल फोटो) सोर्स- सोशल मीडिया
राजनीति

सीएम विजय की टीम में शामिल होने वाले विधायक को राहत, मद्रास हाई कोर्ट ने स्पीकर के फैसले को सही ठहराया

Tamilnadu Politics News: मद्रास हाई कोर्ट ने AIADMK छोड़कर TVK में शामिल होने वाले 6 विधायकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पीकर द्वारा इस्तीफा स्वीकार करने के फैसले को सही ठहराया है।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • AIADMK छोड़कर TVK में शामिल होने वाले 6 विधायकों को कोर्ट से राहत

  • तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर ने विधायक के इस्तीफे को स्वीकार किया था

  • मद्रास हाई कोर्ट ने स्पीकर के फैसले को सही ठहराया है

Madras High Court Decision: तमिलनाडु की राजनीति से जुड़े मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने आज बड़ा फैसला दिया है। दरअसल AIADMK छोड़कर TVK में शामिल होने वाले 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के विधानसभा स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर के फैसले को सही ठहराया है। मंगलवार को हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए उन छह विधायकों को बड़ी राहत दी है। इन विधायकों के नाम हैं- मरगथम कुमारवेल, सत्यभामा, इसक्की सुब्बैया, जयकुमार, एम.आर. विजयभास्कर और सी. विजयभास्कर।

स्पीकर ने स्वीकार किया था इस्तीफा

मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने AIADMK के व्हिप एग्री एस.एस. कृष्णमूर्ति की ओर से स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली कई रिट याचिकाओं को आंशिक रूप से मंजूरी दी। ये इस्तीफा 26 मई और 29 जून, 2026 के बीच मंजूर किए गए थे।

बेंच ने कहा कि इस्तीफा मंजूर करना संवैधानिक रूप से सही था और इसके लिए किसी विस्तृत जांच की जरूरत नहीं थी। बेंच ने यह भी कहा कि विधायकों के अयोग्य ठहराए जाने की कार्यवाही जारी रह सकती है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विधायकों के अयोग्य ठहराए जाने की कार्यवाही लंबित रहने के बावजूद, बिना ठीक से जांच किए ही उनके इस्तीफे मंजूर कर लिए गए।

व्हिप का उल्लंघन बताते हुए याचिका

याचिकाकर्ता ने अयोग्यता की याचिका इस आरोप पर दायर की गई थी कि छह विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) सरकार के समर्थन में वोट दिया था। इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने AIADMK के छह विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। इसी पृष्ठभूमि में, AIADMK के व्हिप एग्री कृष्णमूर्ति और नेशनल पीपल्स पावर पार्टी के नेता रवि ने अध्यक्ष के इस्तीफा मंजूर करने के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए मामले दायर किए थे।

विधायक की खरीद-फरोख्त की बात

याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि स्पीकर ने कोई ठोस जांच नहीं की और उन्होंने हॉर्स-ट्रेडिंग के बारे में गवर्नर से की गई शिकायत की ओर भी इशारा किया। दूसरी ओर, इस्तीफा देने वाले विधायकों का तर्क था कि इस्तीफा देना और दूसरी पार्टी में शामिल होना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है। विधानसभा सचिव की ओर से कहा गया कि अगर विधायक अपनी मर्जी से इस्तीफा देते हैं, तो स्पीकर उसे स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते। इस बीच, AIADMK के पूर्व विधायक मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा के जोसेफ विजय की पार्टी TVK में शामिल होने के लिए इस्तीफा देने के बाद, मदुरंथकम और धरापुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए।

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