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स्वस्थ दिल और मजबूत पाचन के लिए वरदान हैं ये 5 योगासन, जो आपको देंगे मानसिक शांति और लंबी उम्र

World Health Day 2026: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में कुछ खास योगासन न सिर्फ आपके हृदय को मजबूत बनाते हैं बल्कि पाचन क्रिया को भी बेहतर करते हैं।

प्रीति शर्मा
दुनियाभर में हर साल 7 अप्रैल के दिन विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह महत्वपूर्ण दिन हमें न केवल वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के प्रति जागरूक करता है बल्कि हमें यह भी याद दिलाता है कि स्वास्थ्य ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आज की व्यस्त जीवन शैली में शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए योग और नियमित व्यायाम एक अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पेट की मांसपेशियों को मजबूती देने, एकाग्रता बढ़ाने और हृदय को सुरक्षित रखने के लिए नियमित योगाभ्यास से बेहतर कुछ नहीं है।
सूर्य नमस्कार: सम्पूर्ण शरीर का व्यायाम सूर्य नमस्कार को सभी आसनों का राजा माना जाता है क्योंकि यह पूरे शरीर के लिए एक बेहतरीन व्यायाम है। इसे नियमित रूप से करने से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हृदय की धड़कन संतुलित रहती है। इसके अभ्यास से न केवल शारीरिक लाभ मिलता है बल्कि यह मानसिक तनाव को कम करने में भी प्रभावी है। इसे सुबह के समय खाली पेट करना सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है और प्रत्येक मुद्रा के दौरान गहरी सांस लेना आवश्यक है।
भुजंगासन: रीढ़ और हृदय के लिए वरदान भुजंगासन या कोबरा पोज़ पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए जाना जाता है। इस आसन में पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाना होता है जो रीढ़ की हड्डी की मजबूती के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। हालांकि अभ्यास के दौरान इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कमर के निचले हिस्से पर अधिक दबाव न पड़े।
वृक्षासन: संतुलन और मानसिक शांति यदि आप जोड़ों के स्वास्थ्य और बेहतर संतुलन की तलाश में हैं तो वृक्षासन एक आदर्श विकल्प है। यह आसन घुटनों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ मन को स्थिरता और शांति देता है। एक पैर पर खड़े होकर एकाग्रता के साथ किया जाने वाला यह अभ्यास आपकी मानसिक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन: पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त पेट से जुड़ी समस्याओं और पाचन शक्ति को सुधारने के लिए अर्ध मत्स्येन्द्रासन सबसे उपयोगी आसनों में से एक है। यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है जिससे भोजन का पाचन सुचारू रूप से होता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस आसन को भोजन करने के कम से कम 2 घंटे बाद ही करना चाहिए।
मार्जरी आसन: डेस्क जॉब और घंटों बैठकर काम करने से पीठ और गर्दन में दर्द आम बात है। मार्जरी आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करता है। यह शरीर के पॉश्चर को सुधारने में भी बहुत कारगर है।

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