मेहंदी डिजाइन फोटो.सोशल मीडिया
फोटो

Rajasthani Mehndi Designs: हथेलियों पर सिर्फ मेहंदी नहीं, दुल्हन की कहानी भी कहती है राजस्थानी मेहंदी

Rajasthani Bridal Mehndi: राजस्थानी मेहंदी की बारीक कारीगरी अब पर्सनल टच के साथ खास है। दूल्हे का नाम छिपाने से लेकर खास तारीख और मोटिफ तक, हर डिजाइन में दुल्हन की अपनी कहानी नजर आती है।

रीता राय सागर
राजस्थानी मेहंदी अपने बारीक पैटर्न, फूल-पत्तियों, ट्रेडिशनल मोटिफ और हथेलियों को भर देने वाली डिटेलिंग के लिए जानी जाती है। दुल्हन के लिए आज भी राजस्थानी मेहंदी खास है।
राजस्थानी ब्राइडल मेहंदी की परंपरा में दूल्हे का नाम या उसके नाम का पहला अक्षर भी छिपा होता है। शादी के बाद दूल्हे को मेहंदी में अपना नाम ढूंढना होता है।
आज की मॉडर्न ब्राइड ट्रेडिशनल पैटर्न के साथ ऐसे मोटिफ भी अपने हाथों पर रचा रही हैं, जिनका उनके जीवन से खास रिश्ता हो। इससे मेहंदी सिर्फ खूबसूरत नहीं, बल्कि पर्सनल बन जाती है।
मेहंदी में किसी ब्राइड की पसंद की चीज, पालतू जानवर व शादी की तारीख तक सबकुछ मेहंदी का हिस्सा बन सकती है। ऐसे छोटे डिटेल्स ही इसे बाकी ब्रीइडल मेहंदी से अलग बनाते हैं।
जहां ट्रेडिशनल मेहंदी में हथेलियों और हाथों पर मेहंदी घनी दिखाई देती है, वहीं मॉडर्न डिजाइन में एलीमेंट के बीच अधिक स्पेस और शेडिंग कम रखी जाती है। इससे डिजाइन हल्का और कंटेंपररी नजर आता है।
आज की नई दुल्हनें पारंपरिक राजस्थानी मोटिफ को मिनिमल पैटर्न, निगेटिव स्पेस और कंटेंपररी डिटेलिंग के साथ मिक्स कर रही हैं। इससे मेहंदी में हेरिटेज टच और मॉडर्न लुक दोनों का बैलेंस रहता है।
इंस्टाग्राम व पिंटरेस्ट जैसी प्लेटफॉर्म की वजह से अब दुल्हनें अलग-अलग राज्यों व देशों की मेहंदी डिजाइन को पर्सनलाइज्य टच के साथ अपने हाथों पर जगह दे रही हैं।

TMC छोड़ BJP में शामिल हुईं अभिनेत्री कोयल मल्लिक को मिला बड़ा इनाम, पश्चिम बंगाल से मिला राज्यसभा का टिकट

नौकरशाही से सियासत तक: दिव्या मित्तल के बाद एम नागेश्वर राव की राजनीति में एंट्री, क्या UP में बदल रहा ट्रेंड?

पीएम किसान योजना: 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसान पोर्टल पर तुरंत करें ये काम, नहीं अटकेगा पैसा

कोलकाता में मनाया जाएगा 19वां प्रवासी भारतीय दिवस, Gen-Z के लिए विशेष सेगमेंट; शेड्यूल जारी

अगर डॉलर के मुकाबले 99 तक गिरा रुपया, तो महंगा होगा पेट्रोल, पढ़ाई और विदेशी यात्रा, जानें किसको होगा लाभ