न्यूट्रिशनल फूड फोटो.सोशल मीडिया
साबुत गेहूं, जौ, बाजरा, रागी और ओट्स जैसे साबुत अनाज फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट प्रदान करते हैं। ये भोजन को अधिक पौष्टिक और संतुलित बनाते हैं। मौसमी फल शरीर को विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देने के साथ डाइट में नेचुरल वेराइटी जोड़ते हैं। रोज अलग-अलग रंग और प्रकार के फल चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है।चना और राजमा जैसे अनाज प्रोटीन और फाइबर के साथ कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी देते हैं। इन्हें सब्जी, करी, चाट या सलाद के रूप में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर और अनसैचुरेटेड फैट्स पाए जाते हैं। इसे भुना हुआ स्नैक, चटनी या सलाद में सीमित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।दूध और दही प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। दही को भोजन के साथ या स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है, जबकि दूध को अपनी जरूरत और सहनशीलता के अनुसार डाइट में शामिल करें।दालें शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन और फाइबर का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। रोज की थाली में अरहर, मूंग, मसूर या उड़द जैसी अलग-अलग दालों को शामिल करना पोषण में variety बढ़ाता है।पालक में फोलेट, विटामिन K, विटामिन A और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे दाल, सब्जी, सूप या पराठे के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।अंडा प्रोटीन का अच्छा और आसानी से उपलब्ध होने वाला सोर्स है। इसमें विटामिन B12, कोलीन और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं, जो संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।