कोरियन ग्लास स्किन डिजाइन फोटो
कोरियन स्किनकेयर में सबसे पहला कदम है त्वचा को अंदर से साफ़ करना। रात को पहले तेल-आधारित क्लींज़र या क्लींज़िंग बाम से सनस्क्रीन और मेकअप हटाएँ, फिर हल्के पानी-आधारित फेसवॉश से बाकी गंदगी साफ करें। इस दो चरणों वाले तरीके को डबल क्लींज़िंग कहते हैं। चेहरे को रगड़ें नहीं, उँगलियों से हल्के हाथ से गोल-गोल मसाज करें। सुबह सिर्फ़ हल्का फेसवॉश या पानी काफी हो सकता है।मृत त्वचा की परत हटाने से चेहरा साफ़ और चमकदार दिखता है। इसके लिए सप्ताह में एक या दो बार सौम्य एक्सफ़ोलिएंट इस्तेमाल करें, जैसे हल्का AHA, BHA या PHA वाला उत्पाद, या बहुत महीन कणों वाला स्क्रब। ज्यादा या रोज एक्सफोलिएट करने से त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो सकती है और लालिमा या जलन आ सकती है। संवेदनशील या मुहाँसों वाली त्वचा पर पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।ग्लास स्किन की असली चमक नमी से आती है। क्लींज़िंग के बाद हल्का हाइड्रेटिंग टोनर लगाएँ, फिर उसके बाद एसेंस या हल्का हाइड्रेटिंग सीरम। हथेलियों से हल्के थपथपाकर लगाने पर उत्पाद अच्छी तरह सोखता है। हायलूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन और ऐलोवेरा जैसे तत्व नमी देने के लिए जाने जाते हैं। उमस भरे मौसम में हल्की, जेल या पानी जैसी बनावट वाली चीजें बेहतर रहती हैं।अपनी त्वचा की ज़रूरत के हिसाब से एक सीरम चुनें। दाग-धब्बों और चमक के लिए विटामिन सी या नियासिनामाइड, रोमछिद्र और तेल संतुलन के लिए नियासिनामाइड, और सूखेपन के लिए हायलूरोनिक एसिड जाने-माने विकल्प हैं। एक बार में एक ही नया एक्टिव शुरू करें और धीरे-धीरे आदत डालें, ताकि जलन न हो। रेटिनॉल जैसे तत्व रात में और कम मात्रा से ही शुरू करें, और गर्भावस्था में इनसे पहले डॉक्टर से पूछें।हर रूटीन में मॉइश्चराइज़र जरूरी है, चाहे त्वचा तैलीय ही क्यों न हो। सेरामाइड्स और पैन्थेनॉल जैसे तत्व त्वचा की सुरक्षा परत को सहारा देते हैं। रात में हल्का स्लीपिंग मास्क लगाने से नमी देर तक बनी रहती है और सुबह त्वचा नर्म और ताजा दिखती है। तैलीय या मुहाँसों वाली त्वचा में गैर-कॉमेडोजेनिक और हल्के उत्पाद चुनें।धूप से त्वचा पर दाग, फीकापन और जल्दी झुर्रियाँ आ सकती हैं, इसलिए ग्लास स्किन का सबसे ज़रूरी कदम सनस्क्रीन है। रोज़ सुबह ब्रॉड-स्पेक्ट्रम और कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन लगाएँ, चाहे बाहर निकलें या नहीं। धूप में रहने पर हर दो-तीन घंटे में दोबारा लगाएँ। हल्के, जेल या फ़्लूइड फ़ॉर्मूले उमस भरे मौसम में ज्यादा आरामदायक लगते हैं।सप्ताह में एक या दो बार हायलूरोनिक एसिड या एलोवेरा वाला शीट मास्क लगाने से त्वचा को अतिरिक्त नमी मिलती है। मास्क को निर्देश में बताए समय से ज्यादा न रखें, वरना वह त्वचा की नमी खींच सकता है। चेहरे की हल्की मसाज, उँगलियों या एक साफ फेस रोलर से, रक्त-संचार और चेहरे की ताजगी बढ़ाने में मदद कर सकती है। नतीजों के बारे में बहुत बड़े दावों पर भरोसा न करें।सिर्फ उत्पाद नहीं, आपकी दिनचर्या भी त्वचा पर दिखती है। रोज़ पर्याप्त पानी पिएँ, 7 से 8 घंटे की नींद लें, फल-सब्ज़ियाँ और संतुलित आहार खाएँ और तनाव कम करने की कोशिश करें। बार-बार चेहरा छूने और मुहाँसे फोड़ने से बचें और तकिए का कवर नियमित धोएँ। ध्यान रखें, ग्लास स्किन एक आदर्श है, हर किसी की त्वचा में प्राकृतिक रोमछिद्र और बनावट होती है। धैर्य रखें, नतीजे कुछ हफ़्तों में दिखते हैं।