दीपिका पादुकोण (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
फिल्म से जुड़ने के अपने अनुभव को याद करते हुए दीपिका पादुकोण ने बताया कि जब उन्हें पूरी कहानी और उनके हिस्से का किरदार सुनाया गया, तो उन्होंने समय की लंबाई पर ध्यान नहीं दिया।दीपिका के लिए सबसे बड़ी बात यह थी कि वह रोल पूरी फिल्म के ताने-बाने को किस तरह से प्रभावित करती है। उन्होंने माना कि किसी भी भूमिका को स्वीकार करने से पहले उसकी गहराई और प्रभाव को समझना उनके लिए हमेशा से प्राथमिकता रहा है।दीपिका पादुकोण ने कहा कि उनके मन में किंग खान के लिए जो सम्मान और स्नेह है, उसे पूरी फिल्म इंडस्ट्री जानता है। उन्होंने साफ किया कि जब भी शाहरुख को अपनी किसी फिल्म के लिए उनकी जरूरत होगी, वे बिना किसी झिझक के हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी।फिल्म के अंदर दीपिका का रोल केवल एक सहायक भूमिका तक सीमित नहीं था, बल्कि वह पूरी कहानी की मुख्य भावनात्मक धुरी बनकर सामने आया। दीपिका पादुकोण की दमदार एंट्री से लेकर उनके दर्द भरे अंत तक, हर सीन ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से बांधकर रखा। ओम शांति ओम से शुरू हुआ इन शाहरुख-दीपिका की केमिस्ट्री का सफर चेन्नई एक्सप्रेस, पठान और जवान जैसी कई ऐतिहासिक सफलताओं से होकर गुजरा है।