भारतीय वायुसेना दिवस सोर्स- सोशल मीडिया
हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना की वीरता, समर्पण और सेवा को सम्मान देने के लिए Air Force Day मनाया जाता है।भारतीय वायुसेना की नींव 8 अक्टूबर 1932 को रखी गई थी, जब ब्रिटिश सरकार ने इंडियन एयर फोर्स एक्ट पारित कर इसे रॉयल एयर फोर्स की सहायक शाखा के रूप में स्थापित किया।दिलचस्प बात यह है कि वायुसेना की आधिकारिक स्थापना 1932 में हुई, लेकिन इसका पहला ऑपरेशनल स्क्वाड्रन अप्रैल 1933 में अस्तित्व में आया, जिसने इसकी असली उड़ान की शुरुआत की।वायुसेना के इतिहास में 20 जुलाई, 15 अगस्त और 1 अप्रैल जैसी कई तारीखें अहम रही हैं। लेकिन 1976 में आखिरकार 8 अक्टूबर को आधिकारिक Air Force Day के रूप में चुना गया, क्योंकि इसी दिन 1932 में गवर्नर जनरल ने वायुसेना से जुड़ा कानून मंजूर किया था।1950 में जब भारत गणराज्य बना, तब वायुसेना के नाम से "Royal" शब्द हटा दिया गया, और तभी से इसे सिर्फ "Indian Air Force" कहा जाने लगा।द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, खासतौर पर बर्मा मोर्चे पर, भारतीय वायुसेना ने अपनी बहादुरी और रणनीतिक कौशल से खुद को एक दमदार सुरक्षा बल साबित किया।भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य "नभः स्पृशं दीप्तम्" यानी "गौरव के साथ आकाश को स्पर्श करें" भगवद्गीता के ग्यारहवें अध्याय से प्रेरित है, जो इसे एक गहरी आध्यात्मिक जड़ भी देता है।आज भारतीय वायुसेना को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना का दर्जा हासिल है, जो स्वदेशी तकनीक और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय साजो-सामान का बेहतरीन मेल पेश करती है। हर साल Air Force Day के मौके पर हिंडन एयर फोर्स स्टेशन पर भव्य परेड और रोमांचक एयर शो आयोजित किया जाता है, जहां सूर्य किरण टीम की एक्रोबेटिक उड़ानें खास आकर्षण का केंद्र होती हैं।