लोकल फूड (फोटो. सोशल मीडिया)
गोंगुरा पचड़ी- गोंगूरा पचड़ी एक तरह की चटनी है, जिसे आंध्र प्रदेश में गरम चावल और घी के साथ चाव से खाया जाता है। इसे सोरेल के पत्तों, लहसुन और कुछ मसालों के साथ बनाया जाता है।पात्रा- वैसे तो पात्रा हर समुदाय में बनाया जाता है। इसे बनाने का तरीका और इसके नाम अलग-अलग हो सकते हैं। इसे महाराष्ट्र, गुजरात से लेकर बिहार तक बनाया जाता है। अरबी के पत्तों पर मसालेदार बेसन का घोल लगाकर लपेटा जाता है, फिर भाप में पकाया और तड़का लगाया जाता है।भांग की चटनी- उत्तराखंड में भुने हुए भांग के बीजों से इस चटनी को बनाया जाता है। इसका स्वाद नटी और चटपटा सा होता है। भांग के बीज पहाड़ों का एक ऐसा सुपरफ़ूड हैं जो स्वाद और सेहत से भरपूर होते हैं।सिड्डू- यह हिमाचल प्रदेश की ट्रेडिशनल रेसिपी है। खसखस, गुड़ या अखरोट के पेस्ट की फीलिंग के साथ गेहूं के आटे में बनाया जाता है, जिसे भाप में पकाया जाता है। इसे घी और चटनी के साथ परोसा जाता है।मोहनथाल- मोहनथाल राजस्थान की पारंपरिक मिठाई है, जिसे हर त्योहार पर बनाया और खाया जाता है। बेसन, घी और इलायची से बनी इस मिठाई का स्वाद मुंह में घुल जाने वाला होता है।छेना पोड़ा- ओड़िशा में बनने वाला छेना पोड़ा को इंडियन चीज केक कहा जाता है। यह मिठाई कैरमेलाइज्ड पनीर, चीनी और इलायची से बनाया जाता है।