BRICS देश के प्रतिनिधियों के साथ PM मोदी Source- IANS
दिल्ली में हुए BRICS सम्मेलन में एकजुटता और आपसी तालमेल की कई तस्वीरें सामने आईं। इन तस्वीरों ने दुनिया का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के साथ तस्वीरें चर्चा में रहीं। दुनिया यूक्रेन युद्ध और ईरान-अमेरिका के बीच तनाव देख रही है। ऐसे समय में BRICS अलग-अलग ताकतों को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है। चीन और रूस को पश्चिमी नेतृत्व के सामने एक नए पावर सेंटर के रूप में देखा जा रहा है। BRICS इस बदलती वैश्विक व्यवस्था का अहम मंच बन रहा है। भारत रूस और ईरान के साथ अपने पुराने और मजबूत रिश्तों को बनाए रखना चाहता है। साथ ही वह पश्चिमी देशों के साथ भी अपने संबंधों में संतुलन साध रहा है। BRICS ने दिखाया कि अलग-अलग विचार और हित रखने वाले देश भी एक ही मंच पर साथ आ सकते हैं। यह वैश्विक सहयोग का बड़ा संकेत है। अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरान पर कई देशों का व्यापार कम करने का दबाव है। इसके बावजूद भारत ऊर्जा, व्यापार और चाबहार बंदरगाह को लेकर रिश्ते मजबूत रखना चाहता है। ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार की सुरक्षा भारत के लिए बड़ी चिंता है। इसलिए भारत ईरान, पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों के साथ संतुलित नीति अपना रहा है। रूस भारत के लिए अहम रणनीतिक साझेदार बना हुआ है। शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बातचीत इसी प्राथमिकता को दिखाती है। भारत BRICS के मंच पर रूस, चीन और ईरान जैसे देशों के साथ संवाद बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ा रहा है। इसका मकसद बदलती दुनिया में रणनीतिक संतुलन कायम रखना है।