सांकेतिक तस्वीर (सोर्स सोशल मीडिया) 
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दिनभर स्क्रीन देखते हैं? आंखों को बचाने के लिए अपनाएं आयुर्वेद के ये आसान उपाय

Ayurvedic Eye Care Tips: मोबाइल और लैपटॉप के बढ़ते इस्तेमाल से आंखों पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए अपनाएं आयुर्वेद के आसान और असरदार उपाय।

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लगातार स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में थकान, जलन, सूखापन, धुंधला दिखाई देना और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आंखों की नियमित देखभाल बेहद जरूरी हो गई है। आयुर्वेद में कई ऐसे प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जो आंखों को आराम देने और उनकी सेहत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
आयुर्वेद में त्रिफला को आंखों के लिए लाभकारी माना गया है। त्रिफला के पानी से आंखों को धोने या विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार इसका उपयोग करने से आंखों को ठंडक मिल सकती है और थकान कम महसूस होती है। हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाना फायदेमंद माना जाता है। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है और डिजिटल आई स्ट्रेन कम करने में मदद मिल सकती है।
दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्का गर्म करें और बिना दबाव डाले बंद आंखों पर रखें। इसे पामिंग कहा जाता है। यह तरीका आंखों को आराम देने और तनाव कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही आंखों के आसपास हल्की मालिश करने से भी आराम महसूस हो सकता है।
आंखों की अच्छी सेहत के लिए विटामिन A, C, E, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन लेना चाहिए। गाजर, पालक, आंवला, बादाम, अखरोट और हरी पत्तेदार सब्जियां आंखों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी आंखों के सूखेपन को कम करने में मदद करता है।
कम नींद और शरीर में पानी की कमी का असर सबसे पहले आंखों पर दिखाई देता है। रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें और दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। इससे आंखों की थकान कम होती है और उनकी नमी बनी रहती है।
आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाने जैसी हल्की एक्सरसाइज आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं। इन्हें धीरे-धीरे और बिना किसी दबाव के करना चाहिए। यदि आंखों में पहले से कोई समस्या है तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
अगर आंखों में जलन, दर्द, धुंधला दिखना, लालपन या रोशनी कम होने जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचाव संभव है।

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