बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति (सोर्स- सोशल मीडिया) 
नॉर्थ ईस्ट

असम में नेहरू के स्टेच्यू पर चला बुल्डोजर! अधिकारी बोले- अपने आप गिर गई...तो कांग्रेस ने दिखा दिया VIDEO

Assam News: असम के कछार जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है। पैलापूल में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 10 फुट की मूर्ति को अज्ञात लोगों ने JCB का इस्तेमाल करके गिरा दिया।

अभिषेक सिंह

Nehru Statue Vandalised In Assam: असम के कछार जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है। पैलापूल में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 10 फुट की मूर्ति को अज्ञात लोगों ने JCB का इस्तेमाल करके गिरा दिया। विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की निंदा की और तोड़फोड़ पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाया।

अधिकारियों ने शुरू में दावा किया कि मूर्ति अपने आप गिर गई, लेकिन CCTV फुटेज में एक ग्रुप इसे गिराने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल करता हुआ दिखा। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस मामले पर सरकार की 'चिंताजनक चुप्पी' की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे आधुनिक भारत की नींव रखने वाले स्वतंत्रता सेनानी की विरासत का अपमान हुआ है।

कांग्रेस ने शेयर किया CCTV वीडियो

उन्होंने कहा कि यह घटना सोमवार और मंगलवार की रात के बीच लखीपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में पैलापूल बाजार में हुई। पुलिस ने अब तक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और मूर्ति को उखाड़ने के लिए इस्तेमाल की गई खुदाई करने वाली मशीन को जब्त कर लिया है। असम कांग्रेस ने मूर्ति को गिराए जाने का CCTV फुटेज भी शेयर किया है।

लखीपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी शंकर दयाल ने कहा कि कोई चश्मदीद गवाह नहीं मिला है। लेकिन CCTV फुटेज में कुछ अनजान बदमाश JCB की मदद से मूर्ति को गिराते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पुलिस ने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति गिराने के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और खुदाई करने वाली मशीन जब्त कर ली है, लेकिन अभी तक ड्राइवर को नहीं पकड़ा है।

गौरव गोगोई ने खोल दिया मोर्चा

असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने घटना की निंदा की और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा काम सिर्फ एक मूर्ति को गिराने के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक महान नेता और जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी की विरासत का अपमान है, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखी।

गोगोई ने कहा कि भले ही राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग हों, लेकिन ऐसे गलत कामों से लोकतांत्रिक इतिहास को मिटाने की कोई भी कोशिश मंज़ूर नहीं है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि BJP के कार्यकाल में ऐसी शर्मनाक घटना होने के बावजूद, सरकार ने इस मामले पर "चिंताजनक चुप्पी" बनाए रखी है।

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