दिसपुर: असम में पहलगाम हमले को लेकर विवादित बयानबाजी का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के विधायक अमीनुल इस्लाम के बाद कांग्रेस नेता बिमल महतो,सुमन मजूमदार और अन्य महिला डिंपल बरुआ ने भी पहलगाम हमले को लेकर विवादित बयान दिया।
असम पुलिस ने बयान का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस नेता बिमल महतो,सुमन मजूमदार और अन्य महिला डिंपल बरुआ को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया है। उन पर पाकिस्तान का कथित समर्थन करने और देशद्रोह के आरोप लगा है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा इन गिरफ्तारियों की पुष्टि है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करके इसकी पुष्टि। सरमा गिरफ्तारियों को लेकर बताया कि वे सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के हमदर्द बने थे। भारत को गलत बता रहे थे। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह राष्ट्र विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों पर चल रही कार्रवाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि और भी गिरफ्तारियां होंगी क्योंकि अधिकारी पहलगाम हमले से जुड़े भड़काऊ पोस्ट के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी रखना जारी रखेंगे।
सीएम सरमा ने असम में रहकर पाकिस्तान का पक्ष लेने वाले लोगों पर कहा कि भारत और पाकिस्तान की विचारधाराएँ हमेशा से अलग रही हैं और आगे भी अलग रहेंगी। असम की धरती पर रहकर अगर कोई पाकिस्तान के पक्ष में बोलता है, तो उसकी खास खातिरदारी की जाएगी।
पहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के समर्थन में बोलने के लेकर अमस पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में खुद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है।
उन्होंने कहा मेरा काम स्पष्ट है- असम में पाकिस्तान समर्थक और बांग्लादेशी समर्थक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करना तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। असम सरकार ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगा जो पहलगाम में हुए हमले को लेकर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान का समर्थन और बचाव करता है।
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में देश के 7 राज्यों से 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें असम से 14, मध्य प्रदेश औऱ त्रिपुरा से 4-4, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मेघालय और झारखंड से 1-1 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में विधायक, पत्रकार, वकील और स्टूडेंट शामिल है।