भूखंड नियमितीकरण- फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

Amravati News: अमरावती के येरला गांव में 25 साल बाद मिला भूखंड मालिकाना हक, लाभार्थियों को बांटे गए पट्टे

Maha Revenue Campaign: अमरावती जिले के मोर्शी तहसील के येरला गांव में 25 वर्षों से लंबित भूखंड नियमितीकरण का मामला आखिरकार सुलझ गया।

महाराष्ट्र डेस्क

Amravati Maha Revenue Campaign: मोर्शी तहसील के मौजे येरला गांव में पिछले 25 वर्षों से अधर में लटका भूखंड नियमितीकरण का मामला आखिरकार सुलझ गया है। महा राजस्व अभियान के तहत पात्र लाभार्थियों को उनके भूखंड के मालिकाना हक के पट्टे वितरित किए गए। इससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

25 वर्षों से लंबित था मामला

सन 199899 में मौजे येरला गांव के गट क्रमांक 24 में गांवठान विस्तार किया गया था। इसके तहत 1089 वर्ग फीट के भूखंड बनाकर प्रधानमंत्री एवं सरकारी आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क आवंटित किए गए थे। हालांकि, तत्कालीन प्रशासन द्वारा लाभार्थियों को मालिकाना हक का कोई आधिकारिक प्रमाण या दस्तावेज नहीं दिया गया था। इसके कारण 25 वर्षों तक लाभार्थी जमीन के मूल मालिक के रूप में दर्ज नहीं हो सके।

जनप्रतिनिधियों ने किया लगातार प्रयास

इस लंबे समय से लंबित मामले को सुलझाने के लिए राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे और विधायक उमेश उर्फ चंदू यावलकर ने शासन स्तर पर आयोजित विभिन्न बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और लगातार पैरवी की। तहसीलदार सागर धवले और खंड विकास अधिकारी स्वप्निल मगधुम के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत से प्रस्ताव मंगवाया गया और शासन के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। ग्राम पंचायत की सरपंच रेशम खंडारे, पूर्व उपसरपंच एवं सदस्य स्वप्निल चौधरी, ग्राम पंचायत सचिव एन.बी. गेडाम तथा ग्राम राजस्व अधिकारी रोशन पकड़े ने महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता1966 के तहत प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए लगातार फॉलोअप किया।

लाभार्थियों को मिले पट्टे

महा राजस्व अभियान के दौरान सुलोचना अशोक उईके, भौरो सदाशिव पांडे, सुमन बाबाराव वाघमारे, गुरुदेव नारायण राइकवार, अरुणा नामदेव मरसकोल्हे, अशोक नामदेव जावरकर, उत्तम नेजाजी इंगले, सोनी नत्थू उईके, प्रकाश मारोतराव तंतरपाडे, गोवर्धन उकंडराव खंडारे, भारत देवलसिंग कुमरे, प्रफुल सुभाष तंतरपाडे, कलावंती चिंतामन कंगाले, विलास मारोतराव तंतरपाडे तथा ज्ञानेश्वर बालकृष्ण वडस्कर को मालिकाना हक के पट्टे वितरित किए गए। सरपंच रेशम खंडारे और स्वप्निल चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत येरला के पास अतिक्रमण नियमितीकरण के अन्य लंबित प्रस्ताव भी हैं। उन्हें भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जाएगा।

हेमंत कैबिनेट के 53 बड़े फैसले: 100 उत्कृष्ट स्कूल, 606 थानों में CCTV, मेडिकल कॉलेजों को करोड़ों की सौगात

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, महाराष्ट्र में समंदर के नीचे से पहाड़ों तक, एक साथ चल रहा काम

FREMAA Recruitment 2026: IT असिस्टेंट समेत 12 पदों पर भर्ती, 40,000 तक सैलरी; 6 सितंबर तक करें आवेदन

आंध्र प्रदेश में खौफनाक वारदात, श्रीशैलम के लॉज में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत; 3 दिन से बंद था कमरा

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच