यवतमाल एसटी बस (सोर्सः सोशल मीडिया) 
यवतमाल

आषाढ़ी वारी: यवतमाल से पंढरपुर के लिए 250 विशेष एसटी बसें, वारकरियों को मिलेगी विशेष सुविधा

Ashadhi Wari 2026: आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर स्थित भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए यवतमाल जिले के 9 एसटी डिपो से 250 विशेष बसें चलाई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता अभियान भ

महाराष्ट्र डेस्क

Yavatmal ST Buses: आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर स्थित भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल एसटी ने यवतमाल जिले से 250 विशेष बसों के संचालन की योजना बनाई है। जिले के 9 बस डिपो से ये विशेष बसें चलाई जाएंगी, ताकि पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालु भी आसानी से पंढरपुर पहुंच सकें। साथ ही प्रमुख बस स्टैंडों पर यात्रियों के लिए अस्थायी शेड और पेयजल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। हर वर्ष जिले के सैकड़ों वारकरी पैदल दिंडी के माध्यम से पंढरपुर की यात्रा करते हैं।

हालांकि, वृद्ध, दिव्यांग तथा अन्य कारणों से पैदल यात्रा न कर पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन महामंडल विशेष बस सेवा उपलब्ध कराता है। इस वर्ष यवतमाल जिले के 9 डिपो से कुल 250 विशेष बसों का संचालन किया जाएगा। बसों का डिपोवार नियोजन यवतमाल से 40, पुसद से 34, वणी से 27, उमरखेड़ से 31, दारव्हा से 29, पांढरकवडा से 28, नेर से 18, दिग्रस से 24 तथा रालेगांव से 19 बसें संचालित होंगी।

बसें, शेड और पेयजल की विशेष व्यवस्था

यवतमाल, वणी, पांढरकवडा, दारव्हा, रालेगांव और नेर डिपो की बसें यवतमाल-उमरखेड़-नांदेड़-लातूर-सोलापुर होते हुए पंढरपुर पहुंचेंगी। वहीं पुसद, दिग्रस तथा अन्य संबंधित डिपो की बसें पुसद शेंबालपिंपरी कलमनुरी हिंगोली औंढा परभणी अंबेजोगाई कलंब येरमाला बार्शी कुर्दुवाडी तुलजापुर-सोलापुर मार्ग से पंढरपुर जाएंगी।

पंढरपुर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यवतमाल, पुसद, वणी, उमरखेड़ और दारव्हा बस स्टैंड पर विशेष यात्रा शेड बनाए जाएंगे। यहां यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी। इन व्यवस्थाओं का खर्च यात्रा अवधि में होने वाली आय से वहन किया जाएगा।

आशा कार्यकर्ता चलाएंगी स्वास्थ्य जागरूकता अभियान

आषाढ़ी वारी के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने सभी तहसील स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि आशा स्वयंसेविकाओं के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाए।

आशा कार्यकर्ता गांवगांव में वारकरियों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत, लू एवं डिहाइड्रेशन से बचाव तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम संबंधी जानकारी देंगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बीमारियों से सुरक्षित रखना और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक बनाना है।

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