यवतमाल विरोध मार्च सोर्स: सोशल मीडिया
यवतमाल

खाली थाली बजाकर ZP पर गरजे रसोइया-सहायक, मानधन भुगतान और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर यवतमाल में निकला मोर्चा

Yavatmal Cook Protest March: यवतमाल में स्कूलों के रसोइया और मददनीसों ने चार महीने के बकाया मानधन, 1,000 रुपये की वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर जिला परिषद पर मोर्चा निकाला।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • यवतमाल में स्कूलों के रसोइया और मददनीसों के चार महीने से बकाया मानधन तत्काल देने की मांग।

  • आयटक की शालेय पोषण आहार कर्मचारी यूनियन ने जिला परिषद पर निकाला मोर्चा।

  • थाली-बर्तन बजाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी।

  • तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की घोषित 1,000 रुपये मानधन वृद्धि लागू करने की मांग।

  • इस्कॉन से संबंधित अन्नामृत फाउंडेशन को सेंट्रल किचन का काम देने का विरोध।

Yavatmal Midday Meal Cooks Protest Zilla Parishad Honorarium: यवतमाल में स्कूलों के पोषण आहार तैयार करने वाले रसोइया और मददनीसों ने चार महीने से बकाया मानधन के भुगतान और वेतन वृद्धि लागू करने की मांग को लेकर जिला परिषद पर मोर्चा निकाला। प्रदर्शनकारियों ने थाली-बर्तन बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और सेंट्रल किचन पद्धति का विरोध किया।

थाली-बर्तन बजाकर जिला परिषद पहुंचे रसोइया-मददनीस

यवतमाल, स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पोषण आहार तैयार करने वाले रसोइया और मददनीसों ने बकाया मानधन तथा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जिला परिषद प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। आयटक महाराष्ट्र राज्य शालेय पोषण आहार कर्मचारी यूनियन की यवतमाल जिला इकाई की ओर से निकाले गए इस मोर्चे में आंदोलनकारियों ने थाली-बर्तन बजाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनका पिछले चार महीनों का मानधन बकाया है। उन्होंने बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने और श्रमिकों से जुड़ी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की।

श्रमशक्ति भवन से जिला परिषद तक निकला मोर्चा

मोर्चे की शुरुआत श्रमशक्ति भवन, आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर से हुई। आंदोलनकारी शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए संविधान चौक, नेताजी भवन, नेताजी मार्केट, दत्त चौक और बसस्थानक चौक से जिला परिषद कार्यालय पहुंचे।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को मांगों का ज्ञापन सौंपकर संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

सेंट्रल किचन पद्धति का विरोध

यूनियन ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत स्कूली पोषण आहार तैयार करने और वितरित करने का काम सेंट्रल किचन पद्धति से इस्कॉन से संबंधित अन्नामृत फाउंडेशन सहित अन्य संस्थाओं को सौंपने का विरोध किया।

आंदोलनकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले रसोइया और मददनीसों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने पोषण आहार से जुड़े काम में मौजूदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।

घोषित 1,000 रुपये की वृद्धि लागू करने की मांग

यूनियन ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा मानधन में 1,000 रुपये की वृद्धि की घोषणा का हवाला देते हुए उसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यह वृद्धि अब तक लागू नहीं हुई है, तो इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

इसके अलावा रसोइया और मददनीसों को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने, बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई।

मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजने की मांग

यूनियन ने जिला परिषद को सौंपे गए ज्ञापन को मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक भेजने की मांग की। आंदोलनकारियों ने बकाया मानधन, घोषित वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

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