Highlights:
मारेगांव तहसील के सुर्ला-घोंसा मार्ग पर उमरघाट के पास राजस्व विभाग ने ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की।
ट्रैक्टर क्रमांक MH 29 BV 7937 के साथ बिना नंबर की ट्रॉली में लगभग एक ब्रास रेत का परिवहन किया जा रहा था।
मंडल अधिकारी स्वप्निल दुड्रावार और पटवारी बी। एम। धोटे से 24 घंटे में जवाब मांगा गया।
Yavatmal Illegal Sand Mining: यवतमाल जिले के मारेगांव तहसील में अवैध गौण खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ राजस्व विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। बीते शुक्रवार को सुबह करीब 11:40 बजे सुर्ला-घोंसा मुख्य मार्ग पर उमरघाट गांव के समीप अवैध रेत परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर क्रमांक MH 29 BV 7937 के साथ बिना नंबर की ट्रॉली में लगभग एक ब्रास अवैध रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था। इसी दौरान राजस्व विभाग की टीम ने वाहन को पकड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली और उसे तहसील कार्यालय मारेगांव में लाकर खड़ा किया।
इस मामले में संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ फौजदारी प्रकरण दर्ज करने तथा उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध गौण खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अवैध गौण खनिज परिवहन पर कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के राजस्व कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की पहल की है।
संबंधित गांव के मंडल अधिकारी एवं ग्राम राजस्व अधिकारी द्वारा अवैध गौण खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने में कथित लापरवाही बरतने के मामले में दो वेतन वृद्धियां रोकने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
वहीं, संबंधित कोतवाल को निलंबित करने के संबंध में भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान मारेगांव के तहसीलदार उत्तम निलावाड, मनोज चिकनकर, विठ्ठल सरनाईक और शनदेवल कुडमेथे उपस्थित थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में केवल वाहन मालिकों ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। अब संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
तहसील के उमरघाट क्षेत्र के मंडल अधिकारी स्वप्निल दुड्रावार एवं इस परिसर के पटवारी बी। एम। धोटे को रेत माफियाओं को रेत तस्करी करने संदर्भ में सहुलियत देने एवं राजस्व डूबाने की बात जांच में सामने आने पर एक वर्ष की वेतन वृद्धि रद्द करने संदर्भ में नोटिस भेजने के साथ ही 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है, वहीं उमरघाट ग्राम के कोतवाल को भी निलंबन का नोटिस दिया गया है। जिसमें 24 घंटे के भीतर अपना लिखित जवाब मांगा गया है।
मारेगांव तहसीलदार उत्तम नीलावाड़ ने कहा कि ८ तहसील के किसी भी क्षेत्र में चोरी छुपे रेत तस्करी माफियाओं द्वारा की जा रही है और राजस्व विभाग के कोतवाल एवं मंडल अधिकारी एवं पटवारी अनजान बन रहे हैं तो दोषियों पर इसी प्रकार की कारवाई की जाएगी।