Two Major Theft Stories from Yavatmal: यवतमाल जिले की स्थानीय अपराध शाखा और दारव्हा पुलिस की संयुक्त टीम ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए क्षेत्र में सक्रिय दो अलग-अलग शातिर आपराधिक गिरोहों को बेनकाब करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अनाज चोरी करने वाली एक टोली के साथ-साथ आधी रात को खेत में घुसकर किसान को कुल्हाड़ी दिखाकर लूटने वाले डकैतों के गिरोह को भी दबोच लिया है। इन दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई तुअर की बोरियां, नकदी, मोटर पंप और अपराध में इस्तेमाल किए गए कई वाहन बरामद किए हैं।
पहली घटना के अनुसार, तरनोली निवासी अरविंद कदम के पास अपने घर में कृषि उपज 'तुअर' रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। इस वजह से उन्होंने अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए एक अलग कमरा किराए पर लिया था। अरविंद कदम ने उस कमरे में कुल 30 बोरियों में भरकर करीब 15 क्विंटल तुअर रखी हुई थी। हालांकि, शातिर चोरों ने इस कमरे को निशाना बनाते हुए वहां रखी कुल 30 बोरियों में से 26 तुअर की बोरियां साफ कर दी थीं। इस चोरी के मामले की गंभीरता को भांपते हुए यवतमाल के पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात और दारव्हा के एसडीपीओ ने स्थानीय बीट जमादार के साथ तुरंत घटनास्थल पर भेंट दी और स्थिति का गहन निरीक्षण किया।
पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर संदेही अमित बरडे को हिरासत में लिया। जब यवतमाल पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने साथी तरनोली निवासी रवि बरडे, तरोडा निवासी रोशन जामनिक और तीन अन्य नाबालिगों के साथ मिलकर २६ तुअर की बोरियां चोरी करने का जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन अनाज चोरों के पास से चोरी की गई पूरी २६ तुअर की बोरियां बरामद कर लीं। इसके साथ ही, अपराध को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई एक पुरानी चारपहिया गाड़ी (MH-29 V-8111) और एक पुराना ऑटो (MH-20 AS-8211) भी पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया। मुख्य आरोपी अमित बरडे, रवि बरडे और रोशन जामनिक को स्थानीय न्यायालय में पेश किए जाने के बाद पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
यवतमाल पुलिस रिमांड के दौरान शुरुआती दौर में तीनों आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए टालमटोल वाले जवाब देते रहे। हालांकि, जब जांच अधिकारियों ने पेशेवर तरीके से कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपियों ने अनाज चोरी के अलावा भोपापुर, रामगांव, रामेश्वर और बरबडी परिसर के विभिन्न खेतों से कृषि मोटर पंप चोरी करने की बात भी स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी के मोटर पंप और केबल बेचने से मिली कुल 44 हजार 500 रुपये की नकद राशि भी बरामद करने में सफलता पाई है।
इसी दौरान, एलसीबी और दारव्हा पुलिस तथा एसडीपीओ की विशेष टीम ने धनापुर खेत परिसर से हथियारों के बल पर मोटर पंप और केबल चोरी करने वाले सात अन्य खतरनाक बदमाशों की टोली को भी दबोचा है। दारव्हा तहसील के धनापुर निवासी पीड़ित किसान कैलास कटके ने दारव्हा पुलिस थाने में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, बीती 31 मई की रात में जब वह अपने खेत में खड़ी फसलों की सिंचाई के लिए गए हुए थे, उसी समय सात अज्ञात बदमाश अचानक उनके खेत में घुस आए।
उन बदमाशों ने किसान कैलास कटके को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर कुल्हाड़ी तानकर जान से मारने का खौफ दिखाया। इसके बाद बदमाश अड़ान नदी के तट पर लगाया गया कृषि मोटर पंप और उसकी महंगी केबल को काटकर जबरन चुराकर ले गए थे।
इस गंभीर डकैती और चोरी के मामले की तहकीकात करते हुए पुलिस ने तकनीकी सुरागों के आधार पर दारव्हा तहसील के गणेशपुर निवासी ईश्वर चव्हाण, यवतमाल के वाघाड़ी निवासी महादेव पवार, विक्की पवार, संदीप पवार, नेर तहसील के अकोला मुकीदपुर निवासी दामू पवार, यवतमाल के पचन पवार और अकोला मुकींदपुर के विलास भोसले को घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इन सातों आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक चारपहिया गाड़ी, एक दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन सहित कुल 5 लाख 69 हजार 154 रुपये का कीमती माल पूरी तरह से जब्त कर लिया है। दोनों ही मामलों में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।