राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (सौ. सोशल मीडिया ) 
यवतमाल

Yavatmal News: यवतमाल बना नंबर 1! सितंबर NFSA रैंकिंग में मिला पहला स्थान

सितंबर 2025 में जारी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA वितरण अहवाल में यवतमाल जिले को ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। धान्य पहुंचाने की कटिबद्धता के आधार पर यवतमाल जिला पहले स्थान पर आया है।

अपूर्वा नायक

Yavatmal News In Hindi: सितंबर 2025 के लिए जारी किए गए NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) वितरण अहवाल में यवतमाल जिला ने पूरे महाराष्ट्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

अन्नधान्य वितरण की कार्यप्रणाली में पारदर्शकता, नियमितता और लाभार्थियों तक धान्य पहुँचाने की कटिबद्धता के आधार पर यवतमाल जिला पूरे राज्य में पहले क्रमांक पर आया है। यवतमाल जिले ने 63.68% (राज्य में सर्वाधिक) इस उपलब्धि के साथ ही यवतमाल ने गोंदिया (61.80%), सोलापुर FDO (59.09%), सोलापुर DSO (56.31%) और सातारा (55.60%) जैसे जिलों को पीछे छोड़ दिया।

महाराष्ट्र में सितंबर 2025 तक कुल 1,67,26,504 लाभार्थी कार्ड थे। इनमें से केवल 65,98,476 कार्डों ने अन्नधान्य प्राप्त किया। जबकि 1,01,28,028 कार्डधारकों ने धान्य नहीं लिया। इस कारण से राज्य का सरासरी वितरण प्रतिशत केवल 39.45% रहा। इस पृष्ठभूमि में यवतमाल जिले का 63.68% वितरण पूरे राज्य के लिए एक आदर्श उदाहरण माना जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा ई-पॉस मशीनों के माध्यम से समय पर अन्नधान्य उपलब्ध कराया गया और विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक पात्र परिवार तक धान्य पहुँचाने की व्यवस्था की गई।इस उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के लिए यवतमाल जिले की राज्यभर सराहना की जा रही है। यवतमाल जिले में कुल लाभार्थी कार्ड 5,58,190 हैं। इनमें से धान्य प्राप्त करने वाले कार्ड की संख्या 3,55,478 है। जबकि कार्ड से अन्न नहीं लेने वालों की संख्या 2,02,712 है।

अधिकारी-कर्मचारियों के कारण मिली सफलता

संपूर्ण राज्यभर में अन्नधान्य वितरण में पहला नंबर मिलना काफी खुशी की बात है। अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारियों के बेहतर काम के बलबूते ही यह उपलब्धि हासिल हुई है। हम इस उपलब्धि को इसी तरह कायम रखने का प्रयास रखेंगे और अन्नधान्य वितरण की प्रक्रिया को शतप्रतिशत पूरा करेंगे। सुधाकर पवार, जिला आपूर्ति अधिकारी, यवतमाल

Sikkim Landslide: पश्चिम सिक्किम के रिंबी में भारी भूस्खलन, मडस्लाइड का खतरा

मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग तेज, सीजेपी ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके

M3M Hurun Rich List 2026: भारत के टॉप 10 अमीर कारोबारी, जानें किसकी कितनी संपत्ति

ग्लोबल हेल्थ मीटिंग में भारत ने छोड़ी छाप, प्राइमरी से लेकर टर्शियरी केयर तक का मॉडल दुनिया को दिखाया