Yavatmal Ganeshotsav 2026: गणेशोत्सव में अब कुछ ही दिन शेष रहने के कारण यवतमाल जिले में गणराया के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक गणेश मंडलों की ओर से मंडप, सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इस वर्ष जिले में 2,450 सार्वजनिक गणेश मंडलों द्वारा गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
वहीं 470 गांवों में 'एक गांव, एक गणपति' की संकल्पना के तहत गणेशोत्सव मनाया जाएगा। सामाजिक और पर्यावरणपूरक उपक्रमों पर जोर इस वर्ष गणेशोत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक और पर्यावरणपूरक उपक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अनेक गणेश मंडलों की ओर से रक्तदान शिविर, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, महिला सशक्तिकरण, जलसंवर्धन तथा पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सार्वजनिक गणेश मंडलों को चंदा अथवा अनुदान एकत्र करने से पहले धर्मादाय आयुक्त कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था उपलब्ध है, बिना अनुमति चंदा एकत्र करने या नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
जिले के 470 गांवों ने इस वर्ष भी 'एक गांव, एक गणपति' संकल्पना को अमंल में लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक ही स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर ग्रामीण एकजुट होकर गणेशोत्सव मनाएंगे। इससे गांवों में सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलने के साथ ही शांतिपूर्ण वातावरण में उत्सव मनाने में मदद मिलेगी।
जिले के 470 गांवों ने इस वर्ष भी 'एक गांव, एक गणपति' संकल्पना को अमंल में लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत एक ही स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर ग्रामीण एकजुट होकर गणेशोत्सव मनाएंगे। इससे गांवों में सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलने के साथ ही शांतिपूर्ण वातावरण में उत्सव मनाने में मदद मिलेगी।
गणेशोत्सव की पवित्रता और पारपरिक स्वरूप बनाए रखने के लिए यवतमाल पुलिस ने नागरिकों और गणेश मंडलों से डीजेमुक्त गणेशोत्सव मनाने का आह्वान किया है। ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए पारंपरिक वाद्ययंत्रों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। चंदा मांगने के लिए अनुमति जरूरी सार्वजनिक गणेश मंडलों को चंदा अथवा अनुदान एकत्र करने से पहले धर्मादाय आयुक्त कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था उपलब्ध है, बिना अनुमति चंदा एकत्र करने या नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
राज्य सरकार की ओर से गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा देते हुए उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों का चयन किया जा रहा है। यवतमाल जिले से तीन उत्कृष्ट मंडलों का चयन किया जाएगा।