

Nagpur Ganesh Utsav FDA Advisory: नागपुर में गणेशोत्सव के दौरान गणेश मंडलों, संस्थाओं और ट्रस्टों द्वारा आयोजित किए जाने वाले महाप्रसाद, प्रसादम और भंडारे में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने कड़े दिशानिर्देश और एडवाइजरी जारी की है।
खाद्य विषाक्तता जैसी अप्रिय घटनाओं को रोकने और भक्तों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे एवं सह आयुक्त (अन्न) नागपुर विभाग कृष्णा जयपुरकर द्वारा सभी गणेश मंडलों और आयोजकों के लिए महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं।
एफडीए के जारी निर्देशों के अनुसार यदि गणेश मंडल या आयोजक किसी बाहरी कैटरर के माध्यम से महाप्रसाद, भंडारा या दैनिक प्रसाद तैयार करवाते हैं तो उस कैटरर के पास एफडीए का वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। मंडल स्वयं महाप्रसाद या प्रसाद तैयार करता है तो उसके लिए अलग से पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी लेकिन खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
महाप्रसाद या मिठाई बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला कच्चा माल केवल लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत खाद्य विक्रेताओं से ही खरीदा जाना चाहिए और बिल सुरक्षित रखना होगा। बचे हुए भोजन का सही तरीके से निपटारा करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से मंडल और आयोजकों की होगी।
कच्चा माल: सामग्री केवल पंजीकृत, लाइसेंसधारी विक्रेताओं से खरीदें, एक्सपायरी डेट वाले सामान का प्रयोग न करें।
रसोई की स्वच्छता: प्रसाद व भोजन बनाने का स्थान साफ-सुथरा, स्वच्छ और आरोग्यदायी होना चाहिए,
बर्तनों की स्थिति: भोजन पकाने व ढंकने के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन पूरी तरह स्वच्छा और ढक्कनदार होने चाहिए।
फलों का उपयोग: प्रसाद में बासी, सड़े-गले या खराब फलों का उपयोग न करें, फल केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें।
सुरक्षित भोजन: भोजन और मिठाई इस प्रकार तैयार की जाए कि वह मानव सेवन के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो।
सीमित मात्रा: आवश्यकतानुसार ही भोजन और प्रसाद का निर्माण करें, ताकि बर्बादी और वासी भोजन से बचा जा सके।
शुद्ध पानी: भोजन पकाने के लिए केवल पीने योग्य शुद्ध जल का ही प्रयोग करें।
स्वयंसेवकों की स्वच्छता: भोजन बनाने व बांटने वाले स्वयंसेवकों को एप्रन, ग्लव्स और हेड गियर, टोपी पहनाई जाए तथा वे बार-बार हाथ धोए।
स्वास्थ्य जांच: भोजन तैयार करने और वितरित करने वाले किसी भी व्यक्ति को त्वचा रोग या संक्रामक बीमारी नहीं होनी चाहिए।
मावा का उपयोग: दूध, मावा और खोवा जैसे जल्दी खराब होने वाले पदार्थों का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतें,
तापमान नियंत्रण: दूध और दुग्ध उत्पादों को 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर ही स्टोर करें।
कोल्ड ट्रांसपोर्ट: खोवा और मावा का परिवहन केवल रेफ्रिजरेटेड वाहनों के माध्यम से किया जाए,
बासी मावा पर रोक: कई दिनों से कोल्ड स्टोरेज में रखा पुराना या बासी खोवा, मावा उपयोग न करें।
बिल संभालकर रखें: कच्ची सामग्री की खरीदारी के सभी बिल सुरक्षित रखे जाएं।
जांच में सहयोग: खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निरीक्षण के लिए आने पर मंडल एक जिम्मेदार व्यक्त्ति नियुक्त करें और अधिकारियों का पूर्ण सहयोग करें,
शिकायत अथवा संदेह होने पर संपर्क: किसी भी सामग्री या मिठाई पर संदेह होने पर खरीद बिल व साक्ष्यों के साथ एफडीए के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में संपर्क करे।
नागपुर में गणेशोत्सव के दौरान नागरिकों और गणेश मंडलों से अपील है कि वे इन नियमों का कड़ाई से पालन करें और त्योहार का आनंद लें, यदि खाद्य पदार्थों में। में मिलावट या खराब गुणवत्ता की कोई शिकायत हो तो नागरिक टोल फ्री नंबर 1800 222 365 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कृष्णा जयपुरकर, सह आयुक्त, एफडीए नागपुर