Bike Theft Gang Busted in Yavatmal: यवतमाल शहर पुलिस स्टेशन के डिटेक्शन ब्रांच की टीम ने वाहन चोरी के एक मामले का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई तीन मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली हैं, जिनकी सामूहिक बाजार कीमत 1 लाख 11 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फरियादी अंकुज बाबूराव आवाले ने 2 जून को यवतमाल शहर पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनकी होंडा पैशन प्लस मोटरसाइकिल (एमएच-29-एक्स-8269) स्थानीय सरकारी अस्पताल परिसर के पास खड़ी थी, जिसे किसी अज्ञात चोर ने चुरा लिया। काफी खोजबीन करने के बाद भी जब वाहन का कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तब यवतमाल शहर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 442/2026 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यवतमाल पुलिस निरीक्षक के निर्देश पर डिटेक्शन ब्रांच पथक ने तुरंत जांच की दिशा तय की। टीम ने सबसे पहले घटना स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान पुलिस को अपने विश्वस्त सूत्रों से एक गोपनीय सूचना मिली कि अशोक नगर यवतमाल निवासी आयुष दया सगोज (19) और प्रेम गौतम मेश्राम (21) ने मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया है। इस पुख्ता इनपुट के आधार पर डीबी टीम ने चापडोह चौफुली क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और दोनों संदिग्धों को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
थाने लाकर जब दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अस्पताल परिसर से बाइक चोरी करने की बात कबूल कर ली। इतना ही नहीं, उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई मुख्य मोटरसाइकिल सहित दो अन्य वाहन भी बरामद किए, जिनके मालिकाना हक को लेकर आरोपी कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
जब्त किए गए वाहनों में 26,000 रुपये मूल्य की एक हीरो होंडा स्प्लेंडर, 60,000 रुपये कीमत की एक हीरो डीलक्स (एमएच-29-एवी-8901) और 25,000 रुपये मूल्य की एक बजाज डिस्कवर शामिल है। पुलिस ने दोनों के पास से कुल 1,11,000 रुपये का मुददामाल जब्त किया है।
वाहन चोरों के खिलाफ की गई यह सफल कार्रवाई यवतमाल के पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने तथा पुलिस निरीक्षक रामकृष्ण जाधव के कुशल मार्गदर्शन में पूरी की गई। इसे अमलीजामा पहनाने में डीबी पथक के उपनिरीक्षक गणेश सपकाल, रावसाहब शेंडे, किरण पडघण, गौरव ठाकरे, पवन नांदेकर, पवन तडसे, प्रदीप कुरडकर, मयूर तेल्लेवार और चंद्रशेखर जाधव ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने जिले में और कितने वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है।