Jio technicians protest (सोर्सः सोशल मीडिया) 
यवतमाल

Yavatmal News: आजाद मैदान पर गूंज रही आंदोलनकारियों की आवाज, रेमंड कामगार वेतन की मांग पर अड़े

Yavatmal Protest: यवतमाल के आजाद मैदान में रेमंड कामगार वेतन वृद्धि की मांग पर हड़ताल पर हैं, वहीं जियो टेक्निशियन भी आंदोलन में डटे हैं और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।

आंचल लोखंडे

Azad Maidan Strike: यवतमाल शहर के आजाद मैदान में इन दिनों आंदोलनकारियों की बुलंद आवाज सुनाई दे रही है। आजाद मैदान के भव्य परिसर में दो अलग-अलग समूहों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। एक ओर रेमंड के कामगार वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को पूरा कराने के लिए आंदोलन पर डटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जियो टेक्निशियन भी सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए पंडाल डालकर धरने पर बैठे हैं।

हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक किसी भी अधिकारी या जिले के जनप्रतिनिधि ने आंदोलनकारियों से मुलाकात नहीं की है और न ही उनके साथ कोई सकारात्मक चर्चा हुई है। इसके चलते आजाद मैदान में चल रहा आंदोलन और अधिक तीव्र होता नजर आ रहा है।

जियो टॉवर टेक्निशियनों का आजाद मैदान पर डेरा

जियो टॉवर के तकनीशियन पिछले सात-आठ दिनों से हड़ताल पर हैं। इसके चलते जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यदि इस आंदोलन का जल्द समाधान नहीं निकला, तो पूरे विदर्भ में मोबाइल टावरों का काम ठप होने का खतरा है। खास बात यह है कि इस आंदोलन को महाराष्ट्र के सभी टावर तकनीशियनों का समर्थन प्राप्त है। तकनीशियन 24 घंटे ऑन-ड्यूटी रहते हैं, लेकिन उनकी सैलरी बढ़ोतरी पर कंपनी ध्यान नहीं दे रही है। धूप, बारिश और तेज हवा की परवाह किए बिना ये नागरिकों को सेवा देते हैं। नए श्रम कानूनों में काम के घंटों का स्पष्ट उल्लेख है, फिर भी मोबाइल कंपनियों द्वारा इनका शोषण किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने सरकार से सभी कामगारों का वेतन बढ़ाने की मांग की है।

वेतन वृद्धि की उठाई मांग

स्थानीय एमआईडीसी क्षेत्र स्थित रेमंड यूको डेनिम प्राइवेट लिमिटेड के कामगारों ने बुधवार, 18 फरवरी से शहर के आजाद मैदान में वेतन वृद्धि सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। लंबे समय से मांगें पूरी न होने के कारण श्रमिकों ने यह कदम उठाया है।

कामगारों का कहना है कि पिछला वेतन समझौता 31 मार्च 2024 को समाप्त हो चुका है। इसके अनुसार नया समझौता 1 अप्रैल 2024 से लागू होकर वेतन में वृद्धि होना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वेतन को लेकर समझौता न होने से कंपनी के 1,785 कामगारों और उनके परिवारों पर आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक आंदोलनकारियों की सुध नहीं ली है।

आज की ताजा खबर 15 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सभी बड़ी खबरें

छात्रों की भावनाएं महत्वपूर्ण...CJI की फटकार के बाद बैकफुट पर BCI अध्यक्ष मनन मिश्रा, लॉ छात्रों से मांगी माफी

तिरंगा फहराने पहुंचीं TMC नेता उपासना चौधरी पर फेंके अंडे, BJP-ABVP पर हमले का आरोप; मचा सियासी बवाल

नक्सलियों के गढ़ में पहली बार लहराया तिरंगा, अबूझमाड़ के नौ गांवों ने मनाया आजादी का जश्न

Jharkhand Protest: छात्रों ने 20 अगस्त को CM आवास घेरने का किया ऐलान, मांगा CM सोरेन का इस्तीफा