तीन माह बाद भी 21 लाख की चोरी का नहीं मिला सुराग (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
यवतमाल

3 माह बाद भी 21 लाख की चोरी का नहीं मिला सुराग, फुलसावंगी के व्यापारी के घर की घटना

Phulsavangi Robbery Case: अकोला जिले के फुलसावंगी में व्यापारी के घर हुई 21 लाख की चोरी का तीन माह बाद भी कोई सुराग नहीं। पुलिस जांच धीमी चलने से परिजनों में निराशा बढ़ी।

आंचल लोखंडे

Yavatmal Crime:महागांव तालुका के ग्राम फुलसावंगी में तीन महीने पहले एक बर्तन व्यापारी के घर में दुस्साहसिक चोरी की घटना हुई थी। व्यापारी अपने परिवार के साथ भगवान के दर्शन के लिए बाहर गए थे। घर पर किसी के न होने का फायदा उठाकर चोरों ने 21 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। महागांव पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद पंद्रह दिन में यह मामला पुसद की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) को सौंप दिया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। जांच की धीमी रफ्तार पर अब सवाल उठने लगे हैं।

फुलसावंगी निवासी मिट्टी के बर्तनों के व्यापारी ज्ञानेश्वर गणपत बोंधारकर ने बताया कि 31 जुलाई को वे परिवार और मित्रों के साथ राजस्थान देवदर्शन के लिए गए थे। 6 अगस्त की रात लगभग 11 बजे जब वे घर लौटे, तो ताला टूटा हुआ और घर का सामान अस्त-व्यस्त पाया। उन्हें तुरंत समझ आ गया कि घर में चोरी हुई है।

पुलिस के हाथ खाली

उन्होंने तुरंत महागांव पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि वे मिट्टी के बर्तनों के व्यापारी हैं और माल खरीदने के लिए उन्होंने घर में 21 लाख रुपये नकद रखे थे। देवदर्शन के लिए निकलते समय उन्होंने केवल 35 हजार रुपये साथ लिए थे और बाकी रकम हमेशा की तरह बेडरूम में रखी थी। साथ ही सोने-चांदी के गहने भी घर में ही थे।

हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, लेकिन शुरुआत में पुलिस को इस बड़ी चोरी पर खुद व्यापारी पर ही शक था। इसके कारण प्राथमिकी दर्ज करने में देरी हुई। बाद में फुलसावंगी के एक सम्मानित नागरिक के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया।

चोरी ने सब कुछ बर्बाद

चोरी दर्ज होने के बाद पुलिस ने व्यापारी के परिवार और परिचितों से पूछताछ की, लेकिन अब तक किसी तरह की सफलता नहीं मिली है। व्यापारी बोंधारकर ने बताया कि वे लंबे समय से मेहनत कर थोड़ा-थोड़ा धन बचा रहे थे ताकि बड़ी दुकान खोल सकें, लेकिन इस चोरी ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।

उन्होंने कहा, “हम मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। परिवार आत्महत्या के कगार पर है।” उन्होंने 26 अगस्त को गृह विभाग को भी शिकायत भेजी है ताकि जांच में तेजी लाई जा सके और न्याय मिल सके।स्थानीय अपराध शाखा, पुसद की जांच अब भी धीमी गति से चल रही है। पुलिस के सामने इस बड़ी चोरी को सुलझाना एक बड़ी चुनौती बन गई है।

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