Pandharkawada Newborn Case: पांढरकवड़ा शहर के हनुमान वार्ड में एक नवजात बच्ची को नाले में फेंक दिए जाने की बेहद अमानवीय और सनसनीखेज घटना बुधवार तड़के सामने आई। नागरिकों की सतर्कता से बच्ची की जान बच गई। पांढरकवड़ा पुलिस ने मात्र दो घंटे में बच्ची के माता-पिता को हिरासत में ले लिया।
केतन गजानन कटकोजवार (33), निवासी हनुमान वार्ड, को 28 जनवरी की सुबह अपने पुराने घर के पास स्थित नाले से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाकर जांच की, तो नाले में एक नवजात बालिका पाई गई। बच्ची को तत्काल बाहर निकालकर उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है।
घटना की जानकारी मिलते ही पांढरकवड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची के माता-पिता की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बच्ची की मां अर्चना सुनील शिवरकर (28) और पिता सुनील दिंगाबर शिवरकर (31), दोनों निवासी नेहरू वार्ड, पांढरकवड़ा, को हिरासत में लिया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी रॉबिन बंसल के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक एल. डी. तावरे के निर्देश पर की गई। पुलिस उपनिरीक्षक नितीन सुशीर, प्रमोद जुनुनकर, विलास जाधव, दुधना मसराम, ज्योत्स्ना तलांडे और प्रफुल्ल पावसेकर ने जांच में सहभाग लिया। सहायक पुलिस निरीक्षक संदीप नरसाले और पुलिस कांस्टेबल विशाल वढई आगे की जांच कर रहे हैं।