Maregaon Pothole Road: यवतमाल जिले के मारेगांव तहसील के मार्डी-नांदेपेरा मार्ग की गड्ढों के कारण हालत बेहद खराब हो गई है और इस जानलेवा सड़क पर हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार की रात करीब 8 बजे गड्ढे से वाहन उछलने के कारण 35 वर्षीय युवक के सिर में गंभीर चोट लग गई। उसका चंद्रपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, आज दूसरे दिन भी उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।
हादसे में घायल युवक की पहचान पंढरी भाऊराव पुनवटकर (35) के रूप में हुई है। वह वणी से वनोजादेवी स्थित अपने गांव लौटते समय मार्डी-नांदेपेरा मार्ग पर बड़े गड्ढे में वाहन उछलने से यह हादसा हुआ। इस घटना से परिसर में शोक व्यक्त किया जा रहा है और सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है।
खैरी-मार्डी-नांदेपेरा मार्ग वणी की ओर जाने वाला राज्य मार्ग क्रमांक 317 है। कुछ वर्ष पहले इस मार्ग का चौड़ीकरण सहित निर्माण कार्य किया गया था। लेकिन वर्तमान में बारिश के मौसम में सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इनमें पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता। कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक गहरे गड्ढे होने से यह मार्ग वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस मार्ग पर इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और कुछ लोगों की जान जाने का आरोप नागरिकों ने लगाया है। इसलिए सड़क की तत्काल मरम्मत कर यातायात सुरक्षित करने की मांग जोर पकड़ रही है।
सड़क की बदहाली को लेकर संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर नागरिकों ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। हर साल औपचारिक रूप से गड्ढे भरने की मरम्मत की जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में सड़क की स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। गड्ढे भरने के काम पर लाखों रुपये खर्च होने की बात कही जाती है, लेकिन सड़क की गुणवत्ता में कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता, ऐसी शिकायत नागरिकों ने की है।
मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई चारपहिया वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर वणी की ओर जा रहे हैं। इससे वाहन चालकों को समय और ईंधन के साथ ही वाहन के रखरखाव का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। मार्डी-नांदेपेरा मार्ग पर बढ़ते हादसों और सड़क की दयनीय स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग तत्काल निरीक्षण करे। केवल गड्ढे भरने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और स्थायी सड़क मरम्मत की जाए तथा यातायात को सुरक्षित बनाया जाए, ऐसी मांग परिसर के नागरिकों ने की है।