शालार्थ आईडी घोटाला (AI Generated image) 
यवतमाल

शालार्थ घोटाले में अब 'बड़े खिलाड़ियों' की बारी, फर्जी नियुक्तियों पर स्कूल प्रबंधकों पर भी दर्ज होगी FIR!

Shalarath ID Scam: शालार्थ घोटाले पर सरकार का बड़ा प्रहार। फर्जी नियुक्तियों के लिए अब स्कूल मैनेजमेंट पर भी होगा क्रिमिनल केस। SIT का दायरा बढ़ा, बैकडेट नियुक्तियों पर नकेल।

प्रिया जैस

Fake Teacher Appointment: फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले के उजागर होने के बाद अब विभिन्न माध्यमों से की जा रही फर्जी शिक्षक नियुक्तियों पर राज्य सरकार का विशेष फोकस बढ़ गया है। अब तक ऐसे मामलों में केवल संबंधित शिक्षक और अधिकारियों पर ही कार्रवाई होती थी, लेकिन अब आगे से संबंधित शिक्षण संस्था संचालकों पर भी सीधे फौजदारी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई की दिशा स्पष्ट करने वाला निर्णय स्कूली शिक्षा विभाग ने शुक्रवार (30) को जारी किया है। नागपुर विभाग में फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले का खुलासा होने के बाद यह मामला राज्य के विभिन्न जिलों तक फैलने की जानकारी शासन के संज्ञान में आई है। इसी कारण एसआईटी की सीमा अब केवल नागपुर विभाग तक सीमित न रखते हुए इसे राज्यव्यापी किया गया है।

शुक्रवार को जारी आदेश

अब तक इस जांच में करीब 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अधिकांश अधिकारी और शिक्षक शामिल हैं। फर्जी शालार्थ आईडी, व्यक्तिगत मान्यता और बैक डेटेड नियुक्तियों के मामलों में जितनी जिम्मेदारी शिक्षकों और अधिकारियों की है, उतनी ही जिम्मेदारी संस्था संचालकों की भी है, ऐसा शासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है।

शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि ‘महाराष्ट्र निजी विद्यालय कर्मचारी (सेवा शर्तें) नियमावली, 1981’ के अनुसार संबंधित विद्यालय का ‘प्रबंधन’ ही नियुक्ति प्राधिकारी होता है। पारदर्शी प्रक्रिया से भर्ती करना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन कुछ प्रबंधन दस्तावेजों में हेरफेर करते हैं, गलत जानकारी देते हैं या जानकारी छिपाकर प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं।

अब तक ऐसे मामलों में केवल कर्मचारी और अधिकारियों पर ही कार्रवाई होती थी, लेकिन जिन प्रबंधनों ने मूल नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता की है, उन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती थी। अब ऐसे अपराधों में शामिल स्कूल प्रबंधन या संबंधित व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता एवं अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई करने के आदेश शिक्षा विभाग ने दिए हैं। इसके चलते फर्जी शालार्थ आईडी घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के दायरे में अब बड़ी संख्या में संस्था संचालक भी आने की संभावना है।

इस तरह पकड़ी जाएंगी ‘बैक डेटेड’ नियुक्तियां

शिक्षक की नियुक्ति से संबंधित संस्था का प्रस्ताव (रिज़ॉल्यूशन), नियुक्ति आदेश और वास्तविक कार्यभार ग्रहण (जॉइनिंग) रिपोर्ट, संबंधित स्कूल की वास्तविक उपस्थिति रजिस्टर की जांच, संस्था कार्यालय की आवक-जावक (डाक/रजिस्टर) प्रविष्टियों की जांच, नियुक्ति प्रक्रिया शासन के नियमों और प्रचलित कार्यप्रणाली के अनुसार है या नहीं, इसकी पुष्टि सभी तथ्य सही पाए जाने पर ही व्यक्तिगत मान्यता दी जाएगी

गूंज नहीं, सीधा धमाका, DUSU में ABVP की जीत से गदगद हुई BJP, कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता देश के लिए खतरा, हामिद अंसारी के बयान बवाल, BJP ने किया पलटवार

सहारनपुर से चुनावी आगाज की परंपरा जारी रखेगी BJP? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से सियासी हलचल तेज

दिल्ली में वोटर लिस्ट से कटेगा केजरीवाल का नाम, चुनाव आयोग ने भेजा SIR का नोटिस, पूर्व CM से मांगे कागज

ABVP ने DUSU चुनाव में लहराया परचम, जीत के बाद यश डबास की पहली प्रतिक्रिया, बोले- हमारे साथ हैं Gen Z