Mahagaon Education Department: महागांव-उमरखेड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक उत्तमराव इंगले के महागांव स्थित स्व। सदाशिवराव इंगले दिव्यांग एवं मतिमंद निवासी विद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय के रिकॉर्ड में दर्ज 50 विद्यार्थियों में से 48 विद्यार्थी पिछले 16 अगस्त से लगातार अनुपस्थित पाए गए, जबकि प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान केवल दो विद्यार्थी ही उपस्थित मिले। मीडिया टीम ने विद्यालय में अचानक पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान शिवम दत्ता पाटे और शिवराज गजानन बेलखेडे नामक केवल दो विद्यार्थी उपस्थित दिखाई दिए। बाकी 48 विद्यार्थियों की अनुपस्थिति के संबंध में शिक्षकों और कर्मचारियों से जानकारी मांगी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। दिव्यांग और मतिमंद विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में यह मामला केवल उपस्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की स्वच्छता और भोजन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि निवासी विद्यालय के विद्यार्थियों को नियमों के अनुसार पौष्टिक भोजन देने के बजाय केवल खिचड़ी दी जा रही है। इस मामले में विद्यार्थियों को स्वीकृत आहार, प्रत्यक्ष दिए जाने वाले भोजन, खाद्य सामग्री की खरीद, बिल, स्टॉक रजिस्टर और वितरण रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है।
विद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया कि अभिभावकों के अनुरोध पर 48 विद्यार्थियों को छुट्टी दी गई है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों का लगातार अनुपस्थित रहना कई सवाल खड़े करता है। क्या इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छुट्टी देने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी? विद्यार्थियों की उपस्थिति और छुट्टी संबंधी नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच की मांग उठ रही है।
निरीक्षण के समय विद्यालय में चार शिक्षक उपस्थित बताए गए। इनमें ए। बी। चिंचोलकर, एस। एस। पुरी, वीरेंद्र नामदेव इसालकर और उमेश माधव शेंडे शामिल हैं। वहीं, मुख्याध्यापक जाधव अनुपस्थित पाए गए। 50 विद्यार्थियों के लिए संचालित निवासी विद्यालय में केवल दो विद्यार्थियों की उपस्थिति और चार शिक्षकों की तैनाती को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी ?
(इनपुट: विश्वनाथ महामुने, यवतमाल )