Yavatmal Kharif Sowing Status Report: यवतमाल जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही अच्छी बारिश के कारण खरीफ सीजन की बुआई ने तेज गति पकड़ ली है। बारिश की कमी के चलते जून माह में धीमी पड़ी बुवाई अब तेजी से पूरी हो रही है। कृषि विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जिले के कुल 9 लाख 29 हजार 709 (9,29,709) हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र (गन्ना क्षेत्र को छोड़कर) में से 6 लाख 71 हजार 391 (6,71,391) हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है। इस प्रकार जिले में अब तक 73.20% खरीफ बुआई निपट चुकी है।
इस खरीफ सीजन में किसानों ने एक बार फिर सोयाबीन और कपास जैसी नकदी फसलों को प्राथमिकता दी है। हालांकि इस वर्ष सोयाबीन की तुलना में कपास का रकबा बढ़ा है। इसके अलावा तुअर, मूंग, उड़द, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी, ज्वार, मक्का तथा अन्य खरीफ फसलों की बुआई भी बड़े पैमाने पर जारी है। कृषि विभाग का अनुमान है कि यदि आगामी दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो शेष क्षेत्र में भी जल्द ही बुआई पूरी हो जाएगी।
| क्रमांक | तहसील | बुआई का प्रतिशत |
| 1. | केलापुर | 81.19% |
| 2. | वणी | 81.04% |
| 3. | दारव्हा | 77.14% |
| 4. | नेर | 75.87% |
| 5. | दिग्रस | 73.14% |
| 6. | रालेगांव | 67.39% |
| 7. | मारेगांव | 66.29% |
| 8. | उमरखेड़ | 60.67% |
| 9. | महागांव | 60.14% |
| 10. | घाटंजी | 60.09% |
कृषि विभाग के अनुसार जिन क्षेत्रों में बुआई हो चुकी है, वहां फसलों का अंकुरण संतोषजनक है। अब किसान खेतों में खरपतवार नियंत्रण, उर्वरक प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्य कर रहे हैं। विभाग ने किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार खेती के कार्यों को वैज्ञानिक एवं नियोजित तरीके से करने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि जून माह में मानसून की कमजोर स्थिति के कारण यवतमाल जिले के किसान चिंतित थे। कई स्थानों पर बुआई टल गई थी, जबकि कुछ किसानों ने जोखिम उठाकर सूखी बुआई की थी। लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश होने के बाद किसानों ने दिन-रात खेतों में काम कर बड़े पैमाने पर बुआई पूरी कर ली। कृषि विभाग को उम्मीद है कि यदि अगले सप्ताह भी वर्षा का दौर जारी रहा तो जिले में खरीफ बुआई जल्द ही 100% के करीब पहुंच जाएगी।