यवतमाल, सुपारी, अन्न एवं औषधि प्रशासन,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
यवतमाल

यवतमाल में बड़ी कार्रवाई: 89.25 लाख रुपये की 69.5 टन सुपारी जब्त, दो ट्रक पकड़े गए

Yavatmal Betel Nut: यवतमाल में अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पांढरकवडा-आदिलाबाद मार्ग पर 69.5 टन सुपारी से भरे दो ट्रक जब्त किए। जब्त माल की कीमत करीब 89.25 लाख रुपये आंकी गई है।

अंकिता पटेल

Yavatmal FDA Seizure: यवतमाल जिले में अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गुरुवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए पांढरकवडा-आदिलाबाद मार्ग पर सुपारी से भरे दो ट्रकों को जब्त किया। इस कार्रवाई में लगभग 89 लाख 25 हजार रुपये मूल्य की 69.5 टन सुपारी बरामद की गई। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध परिवहन और बिना आवश्यक दस्तावेजों के व्यापार करने वालों में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में सुपारी की खेप का परिवहन किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पांढरकवडा नाके पर विशेष जांच अभियान शुरू किया और आने-जाने वाले भारी वाहनों की सघन जांच की।

69.5 टन सुपारी जब्त, 89.25 लाख रुपये की खेप पर जांच शुरू

जांच के दौरान अधिकारियों ने दो संदिग्ध ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी में दोनों वाहनों से कुल 69 हजार 500 किलोग्राम यानी 69.5 टन सुपारी बरामद हुई। इसके बाद अधिकारियों ने परिवहन से संबंधित दस्तावेजों, माल की वैधता और आवश्यक अनुमति पत्रों की जांच शुरू की।

यह पूरी कार्रवाई विभाग के अधिकारी अमित उपलप के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में नरवडे तथा जगदीश कापसे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विभागीय सूत्रों के अनुसार जब्त किए गए माल का कुल मूल्य लगभग 89 लाख 25 हजार रुपये आंका गया है। अधिकारियों ने दोनों ट्रकों सहित पूरी खेप को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।

सुपारी खेप की जांच तेज, नियमों के पालन पर प्रशासन का जोर

फिलहाल संबंधित व्यापारियों, वाहन चालकों और अन्य जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सुपारी की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि परिवहन नियमों और खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं।

अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और व्यापार में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों के बड़े पैमाने पर परिवहन में उचित दस्तावेज, गुणवत्ता मानक और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन बेहद आवश्यक है। इससे अवैध व्यापार और कर चोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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