यवतमाल, अन्न व औषध प्रशासन, तुकाराम मुंडे, खाद्य लाइसेंस, (सोर्स-सोशल मीडिया) 
यवतमाल

यवतमाल में तुकाराम मुंढे का खौफ! FDA की कार्रवाई की चेतावनी मिलते ही अवैध खाद्य व्यवसायियों में मची भगदड़

Yavatmal FDA License: यवतमाल में FDA की सख्ती के बाद बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वाले व्यवसायियों में हड़कंप है। कार्रवाई के डर से बड़ी संख्या में व्यापारी लाइसेंस और पंजीकरण के लिए पहुंच रहे हैं।

अंकिता पटेल

Yavatmal FDA License Tukaram Mundhe: राज्य में अन्न व औषध प्रशासन विभाग के सचिव तुकाराम मुंडे की सख्त कार्यशैली का असर अब यवतमाल जिले में भी दिखाई दे रहा है। जिले में कई वर्षों से बिना अनुमति खाद्य पदार्थ, डेयरी और खाद्य उत्पादन करने वाले व्यवसायियों ने लाइसेंस को लेकर विभाग की कार्रवाई की चेतावनी मिलते ही भागदौड़ शुरू कर दी है।

खाद्य पदार्थ का व्यवसाय करते समय एफडीए में नियम अनुसार पंजीकरण और लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इन नियमों का उल्लंघन होने पर 2 लाख से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और अन्य आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

वहीं दूसरी ओर स्थानीय एफडीए विभाग एक्शन मोड में है, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय अन्न औषध प्रशासन सहायक आयुक्त कार्यालय में खाद्य व्यवसायियों द्वारा संबंधित लाइसेंस लेने के लिए अब लंबी कतारें लग रही हैं।

FDA की सख्ती का असर, बढ़ी कारोबारियों की सतर्कता

केवल एक ही महीने में अन्न व औषध प्रशासन विभाग के पास फूड और अन्य लाइसेंस तथा प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के लिए कुल 1,886 आवेदन दाखिल किए गए हैं। इससे सरकार को अब तक जिले से 8 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस बीच स्थानीय एफडीए ने जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जांच अभियान तेज कर दिया है।

जिले में अब तक 46 प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच कर पूछताछ की गई है। जांच के दौरान संदेहास्पद खाद्य पदार्थों के 36 नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वहीं दूध, दुग्धजन्य पदार्थ, खाद्य तेल, मसाले, सुपारी और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 42 सर्वेक्षण नमूने लिए गए हैं। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ऐसी जानकारी अधिकारियों ने दी है।

यवतमाल शहर और आसपास एफडीए की सख्त कार्रवाई का असर दिखाई दे रहा है। दूध डेयरी में दूध, दही, पनीर, खवा जैसे उत्पादों का स्टॉक कम मात्रा में रखा जा रहा है। इससे नियमों का पालन करने की दिशा में व्यवसायियों की प्रवृत्ति बढ़ने की सकारात्मक बात सामने आई है।

प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ बिक्री के 6 मामले

मुड़े पैटर्न के कारण जिले में खाद्य पदार्थ विक्रेता, गुटखा विक्रेता, तस्कर और संबंधित व्यवसायियों में दहशत देखी जा रही है। निर्देशों के बाद एफडीए यवतमाल द्वारा प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामले में अब तक 6 मामले दर्ज किए गए हैं।

अब बिना लाइसेंस या पंजीकरण के व्यवसाय करने वालों पर सीधे कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है। यदि व्यवसाय की वार्षिक उलाढाल डेढ़ करोड़ रुपये तक है तो पंजीकरण प्रमाणपत्र जरूरी है, डेढ़ करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक की उलाढाल पर राज्य लाइसेंस आवश्यक है, और उससे अधिक व्यवसाय होने पर सेंट्रल लाइसेंस जरूरी है।

इसलिए सभी खाद्य व्यवसायियों को लाइसेंस या पंजीकरण कराकर ही व्यवसाय करना चाहिए। होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। खाद्य तेल का पुनः उपयोग टालना चाहिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

- खाद्य सुरक्षा अधिकारी, आनंद महाजन

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