यवतमाल किसान, फसल बीमा योजना, मुआवजा आदेश, (सोर्स: सौजन्य AI) 
यवतमाल

4 साल लंबी लड़ाई सफल: यवतमाल उपभोक्ता आयोग का आदेश- 10 किसानों को 8% ब्याज के साथ मुआवजा दे बीमा कंपनी

Yavatmal Farmers News: यवतमाल में फसल बीमा मुआवजे से वंचित 10 किसानों को जिला उपभोक्ता आयोग से राहत मिली। आयोग ने बीमा कंपनी को 8% ब्याज सहित दावा राशि देने का आदेश दिया।

अंकिता पटेल

Yavatmal Farmers Crop Insurance Scheme: यवतमाल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा देने से वंचित रखे गए दस किसानों के पक्ष में यवतमाल जिला उपभोक्ता आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने संबंधित किसानों को बीमा दावा राशि आठ प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश भारतीय कृषि बीमा कंपनी को दिए हैं।

फसल बीमा लाभ के लिए किसानों द्वारा शुरू की गई चार साल लंबी लड़ाई आखिरकार सफल रही। अतिवृष्टि के कारण कपास, सोयाबीन, तुअर और ज्वार की फसलें बर्बाद होने पर किसानों ने बीमा कंपनी से मुआवजे की मांग की थी, लेकिन कंपनी ने दावा खारिज कर दिया था।

फसल बीमा से वंचित किसानों को आयोग से राहत

इसके बाद घाटंजी तहसील के शिवणी गांव निवासी यशोदा मणीराम राठोड़, विनोद शेषराव आहेर, नामदेव मानसिंग जाधव, फकीरा सदाशिव चव्हाण, विलास नरसिंग राठोड़, नागोराव सदाशिव चव्हाण तथा जरंग गांव के धावरसिंग लच्छीराम राठोड़, दादाराव हरी मोहुर्ले, कृष्णा गुरुदेव मोहुलें और तुकाराम नारायण गमे ने 7 फरवरी 2022 को यवतमाल जिला उपभोक्ता आयोग में सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी। साल 2022 के खरीफ सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई थी। किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम राशि जमा की थी। शिकायतकर्ताओं को कृषि भूमि शिवणी राजस्व मंडल में आती है। इसी मंडल के कुछ अन्य किसानों को बीमा लाभ दिया गया था, लेकिन इन किसानों को लाभ से वंचित रखा गया। मंडल के लिए घोषित बीमा राशि भी उन्हें नहीं दी गई थी।

कंपनी ने शासन के निर्देशों का किया था उल्लंघन

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र उल्हास मराठे और सदस्य अनिल तोष्णीवाल की उपस्थिति में हुई, सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंजूर बीमा राशि भी किसानों को नहीं दी गई थी।

इसके बाद आयोग ने सभी किसानों को बीमा दावा राशि आठ प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए। साथ ही प्रत्येक शिकायतकर्ता को मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए दो हजार रुपये तथा वाद खर्च के रूप में एक हजार रुपये देने का भी निर्देश जारी किया गया।

Delhi Protest Live: अभिजीत दिपके का 16 अक्टूबर को दिल्ली के CP में तिरंगा लहराने का ऐलान

तिरंगा लहराना कब से अपराध हुआ? CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के आदित्य ठाकरे, केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला

मेरठ नीले ड्रम हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल को मौत की सजा

रेलवे कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, सरकार ने बोनस का किया ऐलान; जानें कितने का होगा फायदा

CJP नेताओं को जिन धाराओं में भेजा गया तिहाड़, उनमें कितनी सजा का है प्रावधान?