महाराष्ट्र सरकार ने FSSAI के नियमों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
केंद्रीय लाइसेंस वाली बड़ी खाद्य इकाइयों पर निरीक्षण का अधिकार छीनने का आरोप।
बॉम्बे हाईकोर्ट 26 नवंबर 2026 को मामले की सुनवाई करेगी।
मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ करेगी सुनावाई।
Fadnavis Government Vs Modi Government On FSSAI Controversy: महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) संविधान का उल्लंघन कर रहा है। इस याचिका में केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा बनाई गई व्यवस्था को चुनौती दी गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ इस मामले पर 26 नवंबर 2026 को अगली सुनवाई करेगी।
इसे लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र की मोदी सरकार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सवाल उठाते हुए लिखा क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नई दिल्ली के सत्ता प्रतिष्ठान को कोई महीन संदेश दे रहे हैं? आइए जानते है क्या है FSSAI विवाद जिसे लेकर फडणवीस सरकार बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गई है, और राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि फडणवीस मोदी सरकार को संदेश दे रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने आयुक्त तुकाराम मुंढे के माध्यम से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के आदेश को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है।
महाराष्ट्र सरकार का तर्क है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSA) का मूल उद्देश्य खाद्य सुरक्षा प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना था। कानून के तहत स्थानीय स्तर पर निरीक्षण, लाइसेंसिंग और दंडात्मक कार्रवाई का अधिकार राज्य के आयुक्त और अधिकारियों को दिया गया था।
हालांकि, महाराष्ट्र सरकार की याचिका के अनुसार, FSSAI ने नियमों में संशोधन करके केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी (CFSO) और केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण जैसे पद बनाकर एक अवैध समानांतर व्यवस्था खड़ी कर दी है, जिसका मूल कानून में कोई उल्लेख नहीं है।
इस विवाद का मुख्य कारण FSSAI का 12 मई 2023 को एक आदेश है। इस आदेश के तहत राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को उन बड़ी कंपनियों, फैक्ट्रियों या होटलों का औचक निरीक्षण करने से रोक दिया गया है जिनके पास केंद्रीय लाइसेंस है।
नियमों के मुताबिक, 50 करोड़ रुपए से अधिक के टर्नओवर वाले व्यवसाय केंद्रीय क्षेत्राधिकार में आते हैं। राज्य का कहना है कि इसके कारण स्थानीय अधिकारी अपने ही राज्य की बड़ी खाद्य इकाइयों में स्वच्छता या गड़बड़ी की जांच नहीं कर पा रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार की याचिका में FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल FoSCoS को भी कटघरे में खड़ा किया गया है। महाराष्ट्र FDA का आरोप है कि इस डिजिटल सिस्टम को इस तरह तैयार किया गया है जिससे अधिक से अधिक खाद्य व्यवसायों को जबरन केंद्र के नियंत्रण में लाया जा सके।
महाराष्ट्र सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने FSSAI द्वारा मार्च 2026 में जारी उस अधिसूचना को भी चुनौती दी है, जिसके तहत खाद्य व्यवसायों के पंजीकरण, राज्य लाइसेंस और केंद्रीय लाइसेंस की टर्नओवर सीमाओं में संशोधन किया गया था। याचिका में कहा गया है कि यह बदलाव आम जनता और हितधारकों से कोई सुझाव या आपत्ति मांगे बिना लागू कर दिया गया।
FSSAI के उन सभी संशोधनों और नियमों को असंवैधानिक घोषित कर रद्द किया जाए, जो राज्य के अधिकारों को कम करते हैं।
मई 2023 के उस आदेश पर तुरंत रोक लगाई जाए, जो राज्य के अधिकारियों को केंद्रीय लाइसेंस वाली इकाइयों की जांच करने से रोकता है।
FoSCoS पोर्टल का पूरा लाइसेंसिंग डेटा और रिकॉर्ड वापस राज्य के अधिकारियों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए जाएं।