वारिस पठान (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

अदालत के फैसले से पहले आतंकी कहना गलत, नासिक TCS केस में निदा खान की गिरफ्तारी पर वारिस पठान का कड़ा रुख

Nashik TCS Case: AIMIM नेता वारिस पठान ने निदा खान की गिरफ्तारी पर कहा कि कानून के मुताबिक हर व्यक्ति तब तक बेगुनाह है जब तक दोष सिद्ध न हो जाए। उन्होंने लड़की को आतंकी बताने पर आपत्ति जताई।

गोरक्ष पोफली

Waris Pathan On Nida Khan: नासिक के टीसीएस (TCS) मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कानून की प्रक्रिया और मीडिया ट्रायल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को तब तक अपराधी नहीं माना जा सकता जब तक अदालत उसे दोषी करार न दे दे।

मजहब से ऊपर इंसाफ की वकालत

वारिस पठान ने पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे बेगुनाही के सिद्धांत के साथ खड़े हैं। उन्होंने एक समावेशी उदाहरण देते हुए कहा, हमारी पार्टी का लक्ष्य हमेशा बेगुनाहों के साथ खड़ा होना रहा है। अगर निदा खान की जगह हमारी कोई हिंदू बहन जैसे कि शेफाली या सीमा पाठक होती और वह निर्दोष होती, तो भी हम उसके साथ खड़े होते। मैं हमेशा कानून और निर्दोषों के साथ रहा हूँ।

प्रिजम्प्शन ऑफ इनोसेंस और मीडिया ट्रायल पर प्रहार

वारिस पठान ने भारतीय न्याय प्रणाली के बुनियादी सिद्धांत निर्दोषता का अनुमान (Presumption of Innocence) का हवाला देते हुए पुलिस और मीडिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, कानून कहता है कि जब तक अदालत किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं कर देती, तब तक उसे निर्दोष माना जाना चाहिए। मामला फिलहाल विचाराधीन (Sub-judice) है और किसी भी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक अदालत अपना फैसला न सुना दे।

उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही धारणाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, एक लड़की को ट्रायल पूरा होने से पहले ही आतंकवादी घोषित कर दिया गया है। यह न्याय प्रक्रिया के खिलाफ है।

कानूनी मर्यादा का पालन

पठान ने सभी से कानून के नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी हुई है और अब मामला अदालत के सामने है, इसलिए बाहर बैठकर फैसला सुनाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उनका यह बयान उन लोगों के लिए एक सीधी चेतावनी है जो सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर निदा खान को लेकर फैसले सुना रहे हैं।

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