सडंक हादसे की फोटो (सोर्स: फाइल फोटो) 
वर्धा

वर्धा में तेजी से बढ़ रहे हैं सड़क हादसे, जानें ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से क्या आग्रह किया?

Road Safety Awareness: वर्धा में बढ़ रहे सड़क हादसों पर ट्रैफिक पुलिस ने चिंता जताई। निरीक्षक विलास पाटिल ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने व गुड समेरिटन ऐप का उपयोग करने की अपील की है।

गोरक्ष पोफली

Wardha Traffic Police Road Safety Guidelines: वर्धा जिले में पिछले कुछ समय से सड़क दुर्घटनाओं में हुई अप्रत्याशित वृद्धि ने प्रशासन और पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ से समृद्धी महामार्ग, 6 राष्ट्रीय राजमार्ग और 7 राज्य राजमार्ग गुजरते हैं, जो कुल मिलाकर 560 किलोमीटर के जाल का निर्माण करते हैं। इन व्यस्त सड़कों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते मासूमों की जान जा रही है।

आंकड़ों की भयावह स्थिति

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, चालू वर्ष में अब तक जिले में कुल 136 गंभीर सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन हादसों में 70 लोगों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश दुर्घटनाओं के पीछे मुख्य कारण वाहन की अत्यधिक गति, हेलमेट का उपयोग न करना, नशे की हालत में गाड़ी चलाना और यातायात नियमों के विरुद्ध गलत दिशा में वाहन चलाना रहा है।

संवेदनशील क्षेत्र और पुलिस की चेतावनी

जिले के सावंगी मेघे, हिंगणघाट, सेलू, पुलगाव, देवली और अल्लीपुर जैसे क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी देखी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 36,000 चालकों पर कार्रवाई की है और उनसे 26 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। हालांकि, विडंबना यह है कि भारी जुर्माने के बावजूद वाहन चालकों के व्यवहार में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।

पुलिस निरीक्षक का आह्वान

ट्रैफिक शाखा के पुलिस निरीक्षक विलास पाटिल ने सभी वाहन चालकों से भावुक और सख्त अपील करते हुए कहा है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं के और परिवार के जीवन की रक्षा का प्रश्न है। उन्होंने कहा, कृपया वाहन चलाते समय अपनी गति को नियंत्रित रखें, हमेशा हेलमेट पहनें और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसी जानलेवा गलती न करें। कानून का सम्मान करें और दुर्घटनाओं को कम करने में पुलिस का सहयोग करें।

आपदा के समय क्या करें?

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि वे सड़क पर किसी दुर्घटना को देखें, तो मूक दर्शक न बनें। तुरंत 108, 112 या 1033 नंबर पर डायल कर इसकी सूचना दें। घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाने के लिए उन्हें सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाएं। पुलिस ने दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए Good Samaritan मोबाइल ऐप के निशुल्क उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया है, ताकि समय पर मदद मिलने से किसी की जान बचाई जा सके।

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