लादेननगर क्षेत्र का हटेगा अतिक्रमण (सौजन्य-नवभारत) 
वर्धा

25 साल पुराना 'कब्जा' अब होगा खत्म! सिंदी क्षेत्र के लादेननगर में वन विभाग के नोटिस से मचा हड़कंप

Sindi Railway Encroachment: वर्धा जिले के सिंदी के लादेननगर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का चाबुक! 15 दिनों में वन भूमि खाली करने का आदेश। परसोडी क्षेत्र में 25 साल पुराने अवैध निर्माण हटेंगे।

प्रिया जैस

Ladennagar Wardha: वर्धा जिले के सिंदी (रेलवे) शहर से सटी परसोडी स्थित शासकीय वन भूमि पर पिछले 25 से 30 वर्षों से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। संबंधित अतिक्रमणकारियों को 15 दिनों के भीतर भूमि खाली करने के लिखित आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश से सिंदी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर स्वागत किया जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर अतिक्रमनधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंगणी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत मौजा परसोडी के सर्वे क्रमांक 26, 27 एवं 28 की झुडपी वनभूमि (लगभग 3.71 हेक्टेयर) पर लंबे समय से अवैध रूप से पक्के निर्माण किए गए थे। वर्ष 2019 में इस संबंध में प्राथमिक वन अपराध दर्ज किया गया था, लेकिन कई वर्षों तक अतिक्रमण यथावत बना रहा, जिससे वन संपदा को लगातार नुकसान हो रहा था।

इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन के समक्ष समय-समय पर निवेदन, बैठकें और पत्राचार किए गए। रेल मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा समृद्धि महामार्ग के समीप यह अतिक्रमण होने से सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से भी चिंता व्यक्त की जा रही थी।

वन भूमि पर अतिक्रमण कानूनन अपराध

नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाना अनिवार्य है। तय समयसीमा के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा। वन भूमि पर अतिक्रमण कानूनन अपराध है।

  • हरीलाल सरोदे, सहायक वनसंरक्षक, वन विभाग

अन्यथा की जाएंगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित लोगों को 15 दिनों के भीतर अपने खर्च पर अतिक्रमण हटाना होगा। तय अवधि में भूमि खाली न करने पर महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम 1966 की धारा 54 के तहत प्रशासन द्वारा जबरन निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।

इस निर्णय से सिंदी शहर में संतोष का वातावरण है। अब 15 दिनों के बाद होने वाली वास्तविक कार्रवाई पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं। यह निर्णय सिंदी क्षेत्र की सुरक्षा और वन संपदा संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम आम नागरिकों के हित में है, ऐसा कहा जा रहा है।

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